छत्तीसगढ़

बेंदरची गांव में 14 वर्षीय नाबालिग तीन महीने से लापता, माता-पिता दर-दर भटक रहे

Shantanu Roy
1 Oct 2025 8:04 PM IST
बेंदरची गांव में 14 वर्षीय नाबालिग तीन महीने से लापता, माता-पिता दर-दर भटक रहे
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Kawardha. कवर्धा। जिले के बेंदरची गांव की 14 वर्षीय नाबालिग बेटी पिछले तीन महीनों से लापता है, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। माता-पिता बेटी की खोज में हर संभव प्रयास कर रहे हैं, पर उनकी खोज अभी भी बेनतीजा है। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है और हर पहलू पर काम कर रही है।
बेटी की गुमशुदगी से परिवार पर भारी असर
बेंदरची गांव का यह गरीब परिवार अब तक उस दिन को भूल नहीं पाया जब उनकी 14 वर्षीय बेटी अचानक घर से गायब हो गई। तब से घर में मातम पसरा हुआ है। परिवार के रोजमर्रा के कामकाज ठप पड़ गए हैं, और माता-पिता बेटी की तस्वीर लेकर हर जगह मदद की गुहार लगा रहे हैं। कभी चौक-चौराहे पर, कभी रिश्तेदारों के घर, तो कभी पुलिस थाने में माता-पिता बेटी की तलाश में भटक रहे हैं। मां-बाप की आंखों से टपकते आँसू हर देख रहे व्यक्ति का दिल पिघला देते हैं। उनका कहना है, "हमारी बेटी को ढूंढ दो, उसे घर वापस लाओ।" यह तीन महीने का इंतजार उनके लिए दर्दनाक बन गया है, क्योंकि हर दिन बेटी की खोज में गुज़रता है और हर रात अनिश्चितता के भय में कटती है।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
मामले में एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि बेटी की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार पतासाजी कर रही है और विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है। इसका मतलब है कि पुलिस केवल घर-घर पूछताछ तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों, रिश्तेदारों और संभावित संदिग्धों तक की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिग के लापता होने के पीछे हर संभावना को गंभीरता से लिया जा रहा है। तकनीकी और स्थानीय स्रोतों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, तीन महीने के बाद भी किसी ठोस सुराग के ना मिलने के कारण माता-पिता और गांव वाले निराश हैं।
माता-पिता का संघर्ष और सामाजिक प्रभाव
बेंदरची गांव के इस गरीब परिवार की जिंदगी इस घटना के बाद थम गई है। नाबालिग की गुमशुदगी ने परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डाला है। माता-पिता लगातार रोज फोटो लेकर सड़कों पर निकलते, ताकि किसी भी राहगीर या पड़ोसी के माध्यम से बेटी तक जानकारी पहुंच सके। गांव में भी इस घटना ने डर और चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोग, शिक्षक और पड़ोसी माता-पिता की मदद कर रहे हैं और बेटी की तलाश में उनके साथ खड़े हैं। यह मामला गांव में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर करता है।
पुलिस और संभावित जांच दिशा
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लापता नाबालिग की खोज के लिए सभी संभावित रास्तों पर काम किया जा रहा है। इसमें न केवल आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ, बल्कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साधनों से भी मदद ली जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि कोई भी छोटा सुराग भी हाथ से ना निकल जाए। माता-पिता बार-बार जनता और अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि उनकी बेटी को सुरक्षित घर वापस लाया जाए। उनकी यह पीड़ा और संघर्ष पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लोग उनकी मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी बेटी की तस्वीर साझा की जा रही है।
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