छत्तीसगढ़

छात्रावास अधीक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख की ठगी

Shantanu Roy
2 Oct 2026 4:20 PM IST
छात्रावास अधीक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख की ठगी
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Korea. कोरिया। जिले में छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर स्कूल के एक सफाई कर्मचारी से करीब 14 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाली बैकुंठपुर पुलिस ने आईजी कार्यालय अंबिकापुर में पदस्थ कांस्टेबल, उसकी पत्नी, भाजपा मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष, एक एडवोकेट और महिला के पिता के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। आमापारा स्कूल में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत संतोष कुमार सारथी ने कोरिया एसपी को मामले की लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में संतोष ने बताया कि उसकी पहचान आईजी कार्यालय अंबिकापुर में पदस्थ कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा की पत्नी अनुराधा भगत से पहले से थी। अनुराधा का मायका सरभोका में है और आमापारा में उनकी जमीन भी है।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2024 में छात्रावास अधीक्षक पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। इसी दौरान अनुराधा भगत ने संतोष को छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले कथित तौर पर 15 लाख रुपए की मांग की गई। नौकरी मिलने की उम्मीद में संतोष ने रकम देने की बात स्वीकार कर ली। आरोप है कि छात्रावास अधीक्षक पद की परीक्षा से पहले अनुराधा ने संतोष से अलग-अलग किश्तों में 12 लाख 30 हजार रुपए नकद लिए। इसके अलावा अलग-अलग बैंक खातों में भी रकम ट्रांसफर कराई गई। संतोष ने ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा के खाते में 40 हजार रुपए, अनुराधा के पिता जोखन लाल के खाते में 20 हजार रुपए और रायपुर निवासी डॉ. प्रकाश अनंत के खाते में 40 हजार रुपए भेजे।

वहीं एडवोकेट आशीष तिवारी के खाते में भी 14 हजार रुपए भेजे जाने की बात शिकायत में कही गई है। संतोष ने पुलिस को बताया कि 5 जनवरी 2025 को कटघोरा के एक होटल में अनुराधा भगत और उसके पति कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा ने उसकी मुलाकात डॉ. प्रकाश अनंत से कराई थी। आरोप है कि इस मुलाकात के दौरान भी संतोष को भरोसा दिलाया गया कि उसकी नियुक्ति छात्रावास अधीक्षक के पद पर हो जाएगी। इसके बाद छात्रावास अधीक्षक भर्ती का परिणाम जारी हुआ, लेकिन चयन सूची में संतोष का नाम नहीं था। आरोप है कि इसके बाद भी उसे जल्द नियुक्ति मिलने का भरोसा दिया जाता रहा। शिकायत के मुताबिक, डॉ. प्रकाश अनंत ने फोन पर कहा था कि उसका नाम तीसरी सूची में आ जाएगा।

काफी समय बीतने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने पर संतोष ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उसे फर्जी मामले में फंसाने और हत्या करने की धमकी दी गई। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उसने नौकरी की उम्मीद में कई लोगों से कर्ज लेकर आरोपियों को रुपए दिए थे। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस नहीं होने के कारण अब उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ गया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोरिया एसपी ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अनुराधा भगत (38), कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा (42), डॉ. प्रकाश अनंत, एडवोकेट आशीष तिवारी और जोखन लाल के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 351(3), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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