छत्तीसगढ़

करंट से 13 साल के बेटे की मौत, कलेक्टर से न्याय मांगने पहुंची बेबस मां

Shantanu Roy
3 Nov 2026 9:51 PM IST
करंट से 13 साल के बेटे की मौत, कलेक्टर से न्याय मांगने पहुंची बेबस मां
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Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक मां अपने 13 वर्षीय बेटे की मौत के करीब 22 महीने बाद भी मुआवजे की राशि के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है। ग्राम पंचायत नरौर निवासी यूनम ओट्टी ने विद्युत विभाग पर लापरवाही और मुआवजे के भुगतान में देरी का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय में लिखित आवेदन सौंपा है। पीड़ित मां का कहना है कि बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से उनके बेटे की जान चली गई थी, लेकिन तमाम दस्तावेज जमा करने के बावजूद परिवार को अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत नरौर निवासी यूनम ओट्टी के 13 वर्षीय बेटे संतोष कुमार की 5 जनवरी 2025 को बिजली का करंट लगने से मौत हो गई थी। बताया गया है कि संतोष घर के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान वह 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। मृतक की मां यूनम ओट्टी का आरोप है कि हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुआ। उनका कहना है कि बेटे की मौत के बाद उन्होंने संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी दी थी। इसके साथ ही मुआवजे के लिए आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे। इसके बावजूद लगभग 22 महीने बीत जाने के बाद भी परिवार को सहायता राशि नहीं मिली है।
यूनम ओट्टी के मुताबिक, बेटे की मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि मुआवजे के संबंध में जानकारी लेने के लिए वह कई बार बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच चुकी हैं। हर बार उन्हें उच्च कार्यालय से आदेश आने का इंतजार करने के लिए कहा जाता है। पीड़ित मां का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों की ओर से उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। कभी बताया जाता है कि प्रकरण आगे भेज दिया गया है, तो कभी आदेश आने के बाद जानकारी देने की बात कही जाती है। लगातार इंतजार और कार्यालयों के चक्कर लगाने से वह परेशान हो चुकी हैं।
आखिरकार यूनम ओट्टी ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने लिखित आवेदन देकर बेटे की मौत के मामले में लंबित आर्थिक सहायता राशि का जल्द भुगतान कराने की मांग की है। आवेदन के साथ मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, उसका आधार कार्ड और अपना आधार कार्ड भी संलग्न किया है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से जानकारी मांगी जाए और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। परिवार ने हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की है। इधर, मामले में विद्युत विभाग का पक्ष भी सामने आया है। विभाग के कार्यपालन यंत्री (ईई) ने बताया कि संबंधित विद्युत दुर्घटना का मुआवजा प्रकरण तैयार कर उच्च कार्यालय भेज दिया गया है। उनके अनुसार, स्थानीय कार्यालय से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करके सभी दस्तावेज भेजे जा चुके हैं।
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