छत्तीसगढ़

कोरबा में दिखा 13 फीट लंबा किंग कोबरा

Shantanu Roy
31 Oct 2025 4:43 PM IST
कोरबा में दिखा 13 फीट लंबा किंग कोबरा
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छग
Bilaspur. बिलासपुर। मस्तूरी गोलीकांड के दिन ही बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में एक चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। यहां प्रगति डिफेंस कंपनी में कार्यरत तीन मजदूरों को फंसाने की नीयत से किसी ने उनके किराए के मकान की छत पर पिस्टल फेंक दी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना 28 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 स्थित शिवकुमार गुप्ता के मकान में कानपुर निवासी नितिन वर्मा, सचिन शर्मा और इंद्रजीत सिंह किराए पर रहते हैं। ये तीनों प्रगति डिफेंस
प्राइवेट लिमिटेड
में काम करते हैं। रात करीब 12 बजे तीनों मजदूर काम से लौटे ही थे कि घर के पास मैदान में स्कूटी सवार दो शराबी अजय और हिस्ट्रीशीटर नारायण अवस्थी उनसे भिड़ गए। कहासुनी के बाद दोनों ने धमकी दी “देख लेना... चरस और हथियार में फंसा देंगे।” थोड़ी देर बाद मकान की छत पर कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। मकान मालकिन जब देखने गईं, तो वहां पिस्टलनुमा हथियार पड़ा था। मजदूर 112 पर कॉल करने ही वाले थे कि उसी वक्त अजय और नारायण दो पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए।
रातभर थाने में पूछताछ, मोबाइल जब्त
पुलिस ने बिना किसी प्रारंभिक जांच के तीनों मजदूरों को हिरासत में ले लिया और सिरगिट्टी थाने ले जाकर रातभर पूछताछ की। आरोप है कि पुलिस ने मजदूरों को रातभर अंडरगारमेंट्स में बैठाकर रखा और मोबाइल जब्त कर लिए। सुबह जब कंपनी के मालिक नमन अग्रवाल थाने पहुंचे, तब जाकर जांच की दिशा बदली। उनके सामने ही मकान मालिक और आरोपी अजय के बयान दर्ज किए गए। अजय ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने नारायण अवस्थी के कहने पर ही पिस्टल छत पर फेंकी थी। इस बयान के बाद मजदूरों को थाने से रिहा किया गया।
पुलिस पर गंभीर आरोप
मुक्त होने के बाद तीनों मजदूरों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा “अगर कंपनी मालिक समय पर नहीं आते, तो हमें जेल भेज दिया जाता। यहां की स्थिति यूपी-बिहार से भी बदतर है। अपराधियों और पुलिस के बीच मिलीभगत साफ दिख रही है।” पीड़ित मजदूरों का कहना है कि उन्हें पहले से धमकाया गया था कि ‘तुम्हें झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देंगे।’ उनके अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था।
पुलिस जांच जारी, लेकिन कई सवाल बाकी
इस पूरे मामले में सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि “दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।” वहीं एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने कहा “घटना की जांच की जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” हालांकि, घटना के चार दिन बाद भी नारायण अवस्थी फरार है और उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस यह भी स्पष्ट नहीं कर सकी है कि पिस्टल कहां से आई और किसकी है।
अपराधियों और पुलिस की मिलीभगत के संकेत
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि नारायण अवस्थी क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद, उसका पुलिस के साथ घनिष्ठ संपर्क बताया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम से यह संदेह गहराता जा रहा है कि तीन निर्दोष मजदूरों को अपराधियों और पुलिस की मिलीभगत से फंसाने की कोशिश की गई थी। यदि कंपनी मालिक समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो मजदूरों के खिलाफ फर्जी केस दर्ज हो सकता था।
मजदूरों में भय और आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय मजदूरों और कंपनी कर्मचारियों में भय और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। इस घटना ने सिरगिट्टी थाने की कार्यप्रणाली और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह सिर्फ एक पिस्टल मिलने की घटना नहीं, बल्कि साजिशनुमा फंसाने की कोशिश थी, जो समय रहते बेनकाब हो गई।
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