छत्तीसगढ़
111 राशन दुकानें जर्जर, 26 के पास अपना भवन नहीं; प्रशासन ने उठाया ये बड़ा कदम
Shubhra Nandy
4 Nov 2026 10:23 AM IST

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सुधार की तैयारी
रायपुर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत बनाने और राशन कार्डधारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले में संचालित उचित मूल्य दुकानों की भौतिक स्थिति की समीक्षा के बाद जर्जर भवनों की मरम्मत, भवनविहीन दुकानों के लिए नए भवन तथा खाद्यान्न भंडारण की सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिले की कुल 496 उचित मूल्य दुकानों में से 111 दुकान-सह-गोदाम भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। वहीं 26 उचित मूल्य दुकानें अपने भवन के अभाव में दूसरे शासकीय भवनों से संचालित हो रही हैं। इन दुकानों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता सामने आई है। इसके अलावा सात नवीन उचित मूल्य दुकानों के लिए भी आवश्यकतानुसार भवन निर्माण और सुविधाओं के विकास की जरूरत चिन्हित की गई है। जिला प्रशासन की ओर से तैयार प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उत्तर बस्तर कांकेर के पास भेजा गया है।
हर चार में से एक से अधिक दुकान में भवन संबंधी समस्या
उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जिले की लगभग 22 प्रतिशत उचित मूल्य दुकानों के भवन जर्जर स्थिति में हैं। वहीं करीब पांच प्रतिशत दुकानें अपने भवन के बिना अन्य शासकीय परिसरों में संचालित हो रही हैं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर 137 दुकानों में भवन संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। यह संख्या जिले की कुल 496 दुकानों का लगभग 27.6 प्रतिशत है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में राशन वितरण के लिए भवनों और भंडारण सुविधाओं को मजबूत बनाने की पर्याप्त आवश्यकता है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानें सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं। अनेक परिवारों को इन्हीं दुकानों के माध्यम से निर्धारित पात्रता के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में दुकानों का सुरक्षित और व्यवस्थित होना उपभोक्ताओं तथा राशन वितरण करने वाले कर्मचारियों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
जर्जर भवनों की मरम्मत और नए गोदामों की तैयारी
प्रस्ताव के अनुसार, जिन उचित मूल्य दुकानों के भवन अत्यंत जर्जर हैं, उनकी मरम्मत और सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है। जहां वर्तमान भवन उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं हैं या दुकान के पास अपना भवन नहीं है, वहां आवश्यकता के अनुसार नए उचित मूल्य दुकान-सह-गोदाम भवन विकसित करने की पहल प्रस्तावित है। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत करना है। राशन दुकानों में चावल सहित अन्य खाद्यान्न का भंडारण किया जाता है। यदि भवन की स्थिति खराब हो, तो बारिश के पानी, नमी और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। बेहतर भवन और भंडारण सुविधाएं विकसित होने से खाद्यान्न को सुरक्षित रखने तथा वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि जिले में खाद्यान्न खराब होने या राशन वितरण बाधित होने की किसी विशिष्ट घटना का उल्लेख इस प्रस्ताव संबंधी जानकारी में नहीं किया गया है।
26 दुकानों के पास नहीं है स्वयं का भवन
कांकेर जिले में 26 उचित मूल्य दुकानों का संचालन अन्य सरकारी भवनों में किया जा रहा है। इन दुकानों के लिए स्थायी भवन की उपलब्धता सुनिश्चित करना सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। अपने भवन की व्यवस्था होने पर खाद्यान्न रखने, उपभोक्ताओं को वितरण करने तथा दुकान के संचालन के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराने में सुविधा बढ़ सकती है। इसके अतिरिक्त सात नई उचित मूल्य दुकानों के लिए भी भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरत चिन्हित की गई है।
राशन कार्डधारियों को कैसे मिलेगा फायदा?
यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है और निर्धारित कार्य पूरे होते हैं, तो इसका लाभ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के हितग्राहियों को मिल सकता है। बेहतर भवन होने से राशन वितरण के दौरान दुकानों के संचालन में आसानी होगी। सुरक्षित भंडारण व्यवस्था खाद्यान्न के रखरखाव में मददगार साबित हो सकती है। इसके साथ ही स्थायी भवनों में आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित होने से वितरण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित बनाई जा सकती है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव स्वीकृत कार्यों के दायरे, निर्माण की गुणवत्ता और उनके समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।
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