छत्तीसगढ़

1. विजय बघेल की गवाही पर टिकी नजरें, 17 नवंबर को फिर होगी सुनवाई

Shantanu Roy
6 Nov 2026 7:28 PM IST
1. विजय बघेल की गवाही पर टिकी नजरें, 17 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद और याचिकाकर्ता विजय बघेल ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद भूपेश बघेल की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों ने उनसे सवाल-जवाब किए। प्रतिपरीक्षण की प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। यह मामला वर्ष 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने से जुड़ा है।
हाईकोर्ट में विजय बघेल की गवाही शुरू
जानकारी के मुताबिक, विजय बघेल ने वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल ने आदर्श आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन किया था। याचिकाकर्ता का दावा है कि मतदान से पहले लागू 48 घंटे की प्रचार निषेध अवधि के दौरान पाटन विधानसभा क्षेत्र में रैली और रोड शो निकाला गया था। विजय बघेल ने अपनी याचिका में भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रचार बंद होने के बाद भी चुनावी गतिविधियां जारी रखी गईं और इससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हुई। इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
सीलबंद मोबाइल फोन भी बना सुनवाई का हिस्सा
सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका के साथ साक्ष्य के रूप में जमा कराए गए एक मोबाइल फोन को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर लंबे समय से सीलबंद मोबाइल की बैटरी चार्ज करने की अनुमति मांगी गई थी। अदालत की अनुमति से मोबाइल को सीलबंद लिफाफे से निकालकर चार्ज किया गया। लगभग एक घंटा 15 मिनट तक चार्जिंग के बाद मोबाइल की बैटरी 13 प्रतिशत तक पहुंची। इसके बाद फोन को बंद करके दोबारा सीलबंद कर दिया गया। इस प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ता और अदालत के कर्मचारी मौजूद रहे। मोबाइल को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
भूपेश बघेल की ओर से वकीलों ने किया प्रतिपरीक्षण
अदालत में विजय बघेल का बयान दर्ज होने के बाद भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने प्रतिपरीक्षण किया। चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों से जुड़े सवाल पूछे गए। इस प्रक्रिया का उद्देश्य याचिकाकर्ता के दावों और उनके समर्थन में पेश किए गए साक्ष्यों की न्यायिक जांच करना है। मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। प्रतिपरीक्षण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
क्या है पूरा चुनावी विवाद?
दरअसल, विजय बघेल ने पाटन विधानसभा सीट से वर्ष 2023 में हुए चुनाव में भूपेश बघेल की जीत को चुनौती दी है। याचिका में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों और मतदान से पहले प्रचार प्रतिबंध की अवधि के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने संबंधित गतिविधियों के वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य पेश किए जाने का भी दावा किया है। इस मामले में भूपेश बघेल की ओर से पहले चुनाव याचिका की स्वीकार्यता और समय-सीमा को लेकर आपत्तियां भी उठाई गई थीं। हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर को प्रारंभिक मुद्दे के रूप में समय-सीमा पर अलग सुनवाई की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद भूपेश बघेल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसे 3 नवंबर को खारिज कर दिया गया।
17 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट में 5 नवंबर को हुई सुनवाई के बाद अगली तारीख 17 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। अगली सुनवाई में विजय बघेल का प्रतिपरीक्षण आगे बढ़ने की संभावना है। अब इस हाईप्रोफाइल चुनाव याचिका में अदालत के सामने पेश होने वाले साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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