छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर लिया 600 करोड़ का कर्ज; RBI ने जारी किए नीलामी के नतीजे

Shubhra Nandy
29 Oct 2026 7:00 AM IST
छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर लिया 600 करोड़ का कर्ज; RBI ने जारी किए नीलामी के नतीजे
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विकास योजनाओं के लिए
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए राज्य सरकारी प्रतिभूतियों (State Government Securities यानी SGS) के माध्यम से 600 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है। वित्त विभाग की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को जारी विशेष अधिसूचना के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 27 अक्टूबर को नीलामी आयोजित की। इस नीलामी में राज्य सरकार को अधिसूचित 600 करोड़ रुपये की पूरी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है। यह राशि पहले से जारी 7.83 प्रतिशत छत्तीसगढ़ एसजीएस 2040 (Chhattisgarh SGS 2040) के पुनर्निर्गम के जरिए जुटाई गई है। इन प्रतिभूतियों को मूल रूप से 15 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था। नीलामी में निवेशकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और प्रतिस्पर्धी बोलियों में अधिसूचित राशि से कई गुना अधिक मांग दर्ज की गई।
विकास योजनाओं के लिए 600 करोड़ रुपये का कर्ज
छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से 22 अक्टूबर को विशेष अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार को विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए सरकारी प्रतिभूतियों का पुनर्निर्गम करना आवश्यक है। राज्य सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत ऋण जारी करने के लिए केंद्र सरकार की सहमति प्राप्त होने की भी जानकारी दी है। इस प्रावधान के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में राज्यों को नया ऋण लेने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता होती है।
RBI की नीलामी में मिला पूरा 600 करोड़ का आवंटन
भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 अक्टूबर 2026 को सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी आयोजित की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की 7.83 प्रतिशत एसजीएस 2040 प्रतिभूति के लिए 600 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले प्रतिस्पर्धी श्रेणी में 2,447 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं।
नीलामी परिणाम के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं-
अधिसूचित राशि: 600 करोड़ रुपये
कुल आवंटित राशि: 600 करोड़ रुपये
प्रतिस्पर्धी बोलियों की संख्या: 55
प्रतिस्पर्धी बोलियों की राशि: 2,447 करोड़ रुपये
कट-ऑफ मूल्य: 96.62 रुपये प्रति 100 रुपये अंकित मूल्य
कट-ऑफ यील्ड: 8.2498 प्रतिशत
भारित औसत यील्ड: 8.2269 प्रतिशत
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकारी प्रतिभूति के लिए बाजार में अधिसूचित राशि से अधिक मांग रही। हालांकि, प्रतिभूतियों की नीलामी में अधिक मांग का मतलब यह नहीं है कि राज्य सरकार पर ऋण का बोझ कम हो गया है।
क्या है 7.83 प्रतिशत छत्तीसगढ़ SGS 2040?
राज्य सरकारी प्रतिभूतियां ऐसी ऋण प्रतिभूतियां होती हैं, जिनके जरिए राज्य सरकारें बाजार से धन जुटाती हैं। निवेशक इन्हें खरीदते हैं और निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज प्राप्त करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की 7.83 प्रतिशत एसजीएस 2040 प्रतिभूति वर्ष 2040 में परिपक्व होगी। इसमें 7.83 प्रतिशत की कूपन दर मूल निर्गम के समय निर्धारित की गई थी। पुनर्निर्गम के दौरान बाजार में प्रतिभूति की कीमत अलग हो सकती है। यही वजह है कि इस नीलामी में 7.83 प्रतिशत कूपन दर वाली प्रतिभूति की कट-ऑफ यील्ड 8.2498 प्रतिशत दर्ज की गई। कूपन दर और बाजार यील्ड में अंतर होना सामान्य वित्तीय प्रक्रिया है। निवेशकों का वास्तविक प्रतिफल प्रतिभूति के खरीद मूल्य और उसकी शेष अवधि से प्रभावित होता है।
RBI के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर हुई नीलामी
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, प्रतिभूतियों की बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई स्थित लोक ऋण कार्यालय के माध्यम से की गई। नीलामी की प्रक्रिया आरबीआई के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन ई-कुबेर (e-Kuber) प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित की गई। प्रतिभूतियों की बिक्री मूल्य-आधारित नीलामी और मल्टीपल प्राइस फॉर्मेट के तहत निर्धारित की गई थी। इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियों का आवंटन सुनिश्चित करना है।
गैर-प्रतिस्पर्धी निवेशकों के लिए भी व्यवस्था
राज्य सरकार की अधिसूचना में गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी। इसके तहत कुल अधिसूचित राशि का अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को आवंटित किया जा सकता था। किसी एक बोली के लिए अधिकतम सीमा कुल अधिसूचित राशि का एक प्रतिशत निर्धारित की गई थी। 600 करोड़ रुपये के निर्गम में इस प्रावधान के तहत अधिकतम 60 करोड़ रुपये गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी के लिए उपलब्ध हो सकते थे, जबकि एक बोली की सीमा 6 करोड़ रुपये थी। आरबीआई के नीलामी परिणाम के अनुसार, वास्तविक गैर-प्रतिस्पर्धी आवंटन 17.066 करोड़ रुपये रहा।
छत्तीसगढ़ ने इसी नीलामी में जुटाए 1,200 करोड़ रुपये
27 अक्टूबर की नीलामी में छत्तीसगढ़ सरकार की एक और सरकारी प्रतिभूति का पुनर्निर्गम हुआ था। 7.82 प्रतिशत छत्तीसगढ़ एसजीएस 2048 के जरिए भी 600 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई। इस प्रतिभूति की कट-ऑफ यील्ड 8.2462 प्रतिशत रही। इस प्रकार राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर की एक ही नीलामी में दो अलग-अलग सरकारी प्रतिभूतियों के माध्यम से कुल 1,200 करोड़ रुपये जुटाए।
राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
राज्य सरकार इस प्रकार के ऋण संसाधनों का उपयोग बजट प्रावधानों और निर्धारित वित्तीय उद्देश्यों के अनुसार कर सकती है। विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए ऋण जुटाना राज्य की वित्तीय प्रबंधन प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, इसके साथ राज्य सरकार पर ब्याज भुगतान और परिपक्वता पर मूलधन लौटाने की जिम्मेदारी भी होती है। वित्तीय विशेषज्ञों के दृष्टिकोण से सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए जुटाई जाने वाली राशि का आकलन राज्य की कुल देनदारियों, राजस्व प्राप्तियों और ऋण चुकाने की क्षमता के संदर्भ में किया जाना महत्वपूर्ण है। फिलहाल, आरबीआई के नीलामी परिणाम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार को 7.83 प्रतिशत एसजीएस 2040 के पुनर्निर्गम के तहत निर्धारित 600 करोड़ रुपये का पूरा आवंटन प्राप्त हुआ है।

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