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बिहार में युवा संसद का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी ने युवाओं को बताया राष्ट्र की ताकत

Ratna Netam
1 Nov 2026 6:37 PM IST
बिहार में युवा संसद का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी ने युवाओं को बताया राष्ट्र की ताकत
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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को पटना में आयोजित दो दिवसीय 'पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को भारतीय लोकतंत्र का भविष्य बताते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने, भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने और भारत को सशक्त राष्ट्र बनाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने, शिक्षा हासिल करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का आयोजन पटना के गोला रोड स्थित रंजन पथ के ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में किया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने आयोजन समिति से जुड़े लोगों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की नींव बिहार की ऐतिहासिक धरती से जुड़ी हुई है। भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने में बिहार का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से देश आजाद हुआ था। अब आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सभी को लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। आज का दौर जेन-जी और जेन अल्फा का है। इस पीढ़ी के सामने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत विकास के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।उन्होंने कहा कि वर्ष 1974 के आंदोलन में युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस समय युवाओं की भागीदारी ने देश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को प्रभावित किया था। आज भी युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आगे आना चाहिए।
जनता की आवाज ही लोकतंत्र की असली ताकत
सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र की मूल भावना पर चर्चा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है। जनता सरकार चुनती है और सरकार की जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना है। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को काम करने का अवसर दिया है, इसका अर्थ यह नहीं है कि वे स्वयं को भाग्य विधाता समझने लगें।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र लोकलाज से चलता है। जनता की आवाज और उसकी अपेक्षाओं को समझना सरकार की जिम्मेदारी है। जनहित में बनाए गए कानूनों और लिए गए फैसलों की समय-समय पर समीक्षा भी आवश्यक है। यदि किसी निर्णय से जनता को परेशानी होती है तो उसमें बदलाव या उसे वापस लेने की जरूरत पड़ सकती है।उन्होंने कहा कि सफल वही लोग होते हैं, जो जनता और विशेष रूप से युवा पीढ़ी की उम्मीदों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है।
2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के साथ आधुनिक शिक्षा, ज्ञान और तकनीक को अपनाना होगा।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और देश के विकास की प्रक्रिया में युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
शिक्षा और उच्च अध्ययन के अवसरों पर दिया जोर
सम्राट चौधरी ने बिहार में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। उन्होंने राज्य में विश्वविद्यालयों की स्थापना और ओपन यूनिवर्सिटी को प्रोत्साहित करने की बात भी कही, ताकि बिहार के विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकें।
बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विस्तार की जानकारी दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहायता देने के लिए 'विद्यार्थी साथी ऐप' की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को किसी विषय में शिक्षक की सहायता की जरूरत होने पर रात एक बजे भी एक मिनट के भीतर मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान अर्जन ही आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
125 यूनिट मुफ्त बिजली और सरकारी योजनाओं का किया जिक्र
सम्राट चौधरी ने राज्य में बिजली और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिहार में सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर लगभग 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।उन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम और आयकर देने वाले लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से मुफ्त बिजली योजना का लाभ छोड़कर राज्य के विकास में योगदान दें।मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों को आवास, खाद्यान्न, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम किया गया है।
हर साल आयोजित हो युवा संसद: सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल और सांसद शांभवी चौधरी को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को लोकतंत्र, संविधान, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा सके।कार्यक्रम को बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चौधरी और युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, विधायक विशाल प्रशांत, सीबीएसई पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी जंगम सुनील कुमार, ज्ञान निकेतन स्कूल के प्राचार्य शैलेन्द्र मोहन झा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा मौजूद रहे।
युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की पहल
पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0 का आयोजन युवाओं को संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए मंच उपलब्ध कराने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे आयोजनों में युवा अपनी बात रखने, विभिन्न विषयों पर चर्चा करने और लोकतांत्रिक तरीके से असहमति व्यक्त करने का अभ्यास कर सकते हैं।मुख्यमंत्री के संबोधन का प्रमुख संदेश यही रहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। यदि युवा शिक्षा, ज्ञान, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ेंगे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा।
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