बिहार
मोकामा रेल पुल पर काम का असर 82 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित
Ratna Netam
25 Sept 2026 9:46 PM IST

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पटना। बिहार के मोकामा में गंगा नदी पर बने नए रेल पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए चल रहे तकनीकी कार्य का असर बड़ी संख्या में ट्रेनों के परिचालन पर पड़ रहा है। शनिवार को इस रेलखंड से गुजरने वाली 51 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि 31 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में पटना, मोकामा, किउल और आसपास के स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।रेल प्रशासन के अनुसार नए रेल पुल को परिचालन से जोड़ने के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है। राजेंद्र सेतु-मोकामा, हथीदह अपर जंक्शन, टाल, रामपुर डुमरा और दिनकर ग्राम सिमरिया स्टेशन क्षेत्र में यह तकनीकी कार्य चल रहा है। इसके कारण इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर सामान्य ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ है।
मोकामा के पास गंगा नदी पर नया डबल लाइन रेल पुल तैयार किया गया है। इसे मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ने और ट्रेन परिचालन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सिग्नलिंग, ट्रैक कनेक्टिविटी और इंटरलॉकिंग से संबंधित काम किया जा रहा है। रेलवे ने इसके लिए पहले से चरणबद्ध ट्रैफिक ब्लॉक की योजना बनाई है।इसका असर केवल लोकल या पैसेंजर ट्रेनों तक सीमित नहीं है। कई महत्वपूर्ण मेल-एक्सप्रेस, लंबी दूरी की ट्रेनें, मेमू और स्पेशल ट्रेनें भी प्रभावित हो रही हैं। रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस, पटना-जयनगर एक्सप्रेस और जयनगर-पटना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं।इसके अलावा सहरसा-राजेंद्र नगर इंटरसिटी और राजेंद्र नगर-सहरसा इंटरसिटी के यात्रियों को भी विशेष रूप से अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने की जरूरत है। गंगा सागर एक्सप्रेस, पटना-मालदा एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, पुरी-पटना एक्सप्रेस और कई अन्य ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित होने की सूचना है।
मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने का सबसे ज्यादा असर रोजाना छोटी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। मोकामा-किउल, किउल-पटना और पटना-किउल के बीच चलने वाली ट्रेनों के प्रभावित होने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और नियमित यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।रेलवे ने 31 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय दूसरे मार्ग से चलाने का फैसला किया है। मार्ग परिवर्तन के कारण ऐसी ट्रेनों के कुछ नियमित स्टेशन छूट सकते हैं और यात्रा में अतिरिक्त समय लग सकता है। इसलिए यात्रियों के लिए केवल ट्रेन के चलने या रद्द होने की जानकारी लेना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें यह भी जांचना चाहिए कि ट्रेन अपने नियमित मार्ग से चल रही है या डायवर्ट की गई है।
पटना से पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों की ओर जाने वाली कई ट्रेनें मोकामा-किउल रेलखंड से गुजरती हैं। यही कारण है कि इस सेक्शन में तकनीकी कार्य होने पर उसका असर बिहार के अलावा दूसरे राज्यों के यात्रियों पर भी दिखाई देता है।रेलवे की योजना के अनुसार मोकामा में नए रेल पुल से संबंधित नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 20 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच बड़ी संख्या में ट्रेन सेवाओं में बदलाव निर्धारित किया गया है। इस पूरी अवधि में अलग-अलग तारीखों पर ट्रेनें रद्द, डायवर्ट या आंशिक रूप से संचालित की जा रही हैं।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की लाइव स्थिति जरूर जांच लें। इसके लिए रेलवे की 139 हेल्पलाइन, आधिकारिक ट्रेन पूछताछ सेवाओं और संबंधित स्टेशन से जानकारी ली जा सकती है। इससे यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद अचानक ट्रेन रद्द होने या रूट बदलने की जानकारी मिलने से होने वाली परेशानी से बचाया जा सकता है।खासकर जिन यात्रियों की आगे दूसरी ट्रेन, फ्लाइट या किसी जरूरी कार्यक्रम से कनेक्टिंग यात्रा है, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें सामान्य समय की तुलना में देरी से गंतव्य तक पहुंच सकती हैं।
रेलवे के लिए प्री-एनआई और एनआई कार्य किसी नए ट्रैक, स्टेशन या रेल संरचना को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने की महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है। इस दौरान ट्रैक, सिग्नल और परिचालन व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाते हैं। सुरक्षा कारणों से ऐसे कार्यों के दौरान संबंधित सेक्शन में सामान्य ट्रेन परिचालन सीमित करना पड़ता है।नए रेल पुल को परिचालन में शामिल किए जाने के बाद इस रेलखंड की क्षमता और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल यात्रियों को निर्माण और तकनीकी कार्य के कारण अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले कुछ दिनों से मोकामा रेलखंड पर प्रतिदिन अलग-अलग संख्या में ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। बुधवार को 16 ट्रेनें रद्द और 20 डायवर्ट की गई थीं, जबकि गुरुवार को 23 ट्रेनें रद्द और 22 ट्रेनों का मार्ग बदला गया था। इससे स्पष्ट है कि काम के अलग-अलग चरणों के अनुसार रोजाना परिचालन योजना बदल रही है।शनिवार को प्रभाव और बढ़ने के कारण 51 ट्रेनों को रद्द करने और 31 को परिवर्तित मार्ग से चलाने की सूचना दी गई है। इसलिए यात्रियों को पुराने अपडेट के आधार पर यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अपनी ट्रेन के नंबर के आधार पर ताजा परिचालन स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही स्टेशन के लिए निकलें। खासकर पटना, मोकामा, किउल, हथीदह और आसपास के स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।मोकामा के नए रेल पुल का तकनीकी काम पूरा होने तक ट्रेन परिचालन में बदलाव जारी रह सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में रेल यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे यात्रा की तारीख के अनुसार अपनी ट्रेन का अपडेट चेक करें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था भी तैयार रखें।
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