बिहार

ऐसे मिलेगा न्याय? 670 विसरा जांच के लिए लंबित, बिखर रही त्वरित न्याय की उम्मीद

jantaserishta.com
4 Nov 2021 10:39 AM IST
ऐसे मिलेगा न्याय? 670 विसरा जांच के लिए लंबित, बिखर रही त्वरित न्याय की उम्मीद
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पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में 670 विसरा जांच के लिए लंबित हैं। इस कारण इतने ही केस की जांच अटकी पड़ी है। अधिकांश केस में विसरा रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। इसका लाभ आरोपितों को मिल रहा है, जबकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में विलंब हो रहा है।

गन्नीपुर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में उत्तर बिहार के 13 जिलों से विसरा जांच के लिए पहुंचता है, जबकि जांच के लिए सिर्फ एक यूनिट है। इससे जांच लंबित होती जाती है। हर दिन आधा दर्जन केस बढ़ जाते हैं। फिलहाल, मुजफ्फरपुर के करीब 30 केस लंबित हैं। एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच की रफ्तार बढ़ाने के लिए पत्र भेजने की कवायद शुरू कर दी है। जल्द पत्र भेजा जाएगा। इससे कांडों का निष्पादन तेजी और वैज्ञानिक तरीके से हो सकेगा ताकि आरोपित को कोर्ट से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, गोपालगंज, सीवान, मोतिहारी, बेतिया, बगहा, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और मुजफ्फरपुर रेल जिला के विभन्न थानों से विसरा जांच के लिए पहुंचता है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में सिर्फ एक यूनिट (एक सहायक निदेशक, एक वरीय वैज्ञानिक और एक कार्यालय परिचारी) है, जिसे गुणवतापूर्ण जांच के लिए मुख्यालय से एक माह में 20 विसरा की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश प्राप्त है। इस बीच इस यूनिट को भी घटना के दौरान स्थल के जांच और सैंपल एकत्र करने के लिए जाना होता है। इससे भी जांच प्रभावित होती है।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के एक अधिकारी ने बताया कि मुजफ्फरपुर रेल जिला के अलावा चंपारण और सारण डीआईजी रेंज से अधिक मामले आते हैं। बताया जाता है कि इन 13 जिलों से एक माह में तकरीबन 60 मामले आते हैं। अबतक एक माह में 80 मामले आ चुके हैं। एक जांच को फाइनल करने में कम से कम 15 दिन लगते हैं। मानक के अनुरूप इसे 15 दिनों तक वैज्ञानिक की निगरानी मे रखा जाता है। इसके बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को भेजी जाती है। रिपोर्ट की एक प्रतिलिपि पुलिस कार्यालय को भी दी जाती है।
एसकेएमसीएच स्थित पोस्टमार्टम हाउस में 150 से अधिक विसरा जमा है। यहां से पुलिस के आईओ को कोर्ट की अनुमति पर आरएफएसएल लैब भेजना होता है, लेकिन आईओ इसे ले जाने में विलंब करते हैं। इस वजह से भी विसरा की जांच समय पर नहीं हो पाती है।
आरएफएसल के अधीन वाले वाले रेंज
तिरहुत आईजी रेंज : मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर व वैशाली
मिथिला आईजी रेंज : दरभंगा, समस्तीपुर व मधुबनी
चंपारण डीआईजी रेंज : मोतिहारी, बेतिया व बगहा
सारण डीआईजी रेंज : सारण, गोपालगंज व सिवान
रेल डीआईजी रेंज : मुजफ्फरपुर रेल जिला


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