
पटना। बिहार में रविवार 16 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर उत्तर बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की आशंका है। दक्षिण बिहार के भी कुछ जिलों में मौसम खराब रह सकता है। हालांकि, रविवार को राज्य में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की बिहार के लिए जारी चेतावनी में 16 अगस्त को गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भोजपुर, बक्सर, सारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, मधुबनी, सुपौल, किशनगंज, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, वैशाली, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी है। इन क्षेत्रों में बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
उत्तर बिहार में मौसम की गतिविधियां दक्षिण बिहार के मुकाबले ज्यादा रहने का अनुमान है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कहीं-कहीं अचानक गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो सकती है। तेज हवा चलने की स्थिति भी बन सकती है।
राजधानी पटना में रविवार को भारी बारिश की संभावना नहीं है। शहर और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को उमस से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। हालांकि, बारिश नहीं होने या कम होने की स्थिति में उमस परेशान कर सकती है।
भागलपुर समेत पूर्वी बिहार के क्षेत्रों में रविवार को मॉनसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र में कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर तेज बारिश की संभावना कम है। पूर्णिया और सीमांचल के कुछ इलाकों में गरज-चमक और बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं।
रविवार के पूर्वानुमान में सबसे राहत की बात यह है कि बिहार में किसी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि, भारी बारिश का अलर्ट नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह सामान्य रहेगा। कई जिलों में वज्रपात और आंधी का खतरा बना हुआ है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे रहने से बचने की जरूरत है।
वज्रपात के लिहाज से मॉनसून का मौसम संवेदनशील माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। गरज की आवाज सुनाई देने या आसमान में बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित और पक्के भवन में चले जाना बेहतर है। मौसम विभाग की चेतावनी और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना भी जरूरी है।
बिहार में पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कहीं बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं तो कुछ क्षेत्रों में लंबे अंतराल के बाद बारिश हो रही है। 15 अगस्त तक की बारिश से संबंधित आंकड़े भी मौसम विभाग के राज्यवार रिकॉर्ड में अपडेट किए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त के बाद बिहार में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। विभाग ने 17 अगस्त के लिए बिहार में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दिखाई है। 18 और 19 अगस्त के लिए भी भारी बारिश तथा आंधी-वज्रपात से संबंधित चेतावनियां जारी हैं। इससे संकेत मिलता है कि रविवार को अपेक्षाकृत कमजोर रहने के बाद मॉनसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों में फिर बढ़ सकती है।
किसानों के लिए भी अगले कुछ दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहने वाला है। धान और खरीफ की अन्य फसलों के लिए मॉनसूनी बारिश अहम होती है, लेकिन वज्रपात और तेज हवा के दौरान खेतों में मौजूद रहना जोखिम भरा हो सकता है। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखकर ही कृषि कार्य की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
रविवार को यात्रा करने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखने की जरूरत है। तेज हवा और अचानक बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता प्रभावित हो सकती है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वज्रपात के समय खुले स्थानों पर रुकने के बजाय सुरक्षित जगह पर जाना बेहतर होगा।
कुल मिलाकर रविवार को बिहार में भारी बारिश का खतरा नहीं है, लेकिन 25 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उत्तर बिहार में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है, जबकि राजधानी पटना में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। भागलपुर समेत पूर्वी बिहार में मॉनसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। वहीं अगले कुछ दिनों में राज्य में बारिश की गतिविधियों में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है।





