बिहार

मौसम बदला, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट

Rajeshwari Nishad
24 Oct 2026 12:59 PM IST
मौसम बदला, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट
x
पटना। बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई जिलों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के बीच बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 29 अक्टूबर को कुछ जिलों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की ओर से 24 अक्टूबर को जारी चेतावनी के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र बिहार में मौसम परिवर्तन की प्रमुख वजह है। इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ने और बादलों की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र आगे चलकर अवदाब और उसके बाद चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसका असर बिहार समेत पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 अक्टूबर के बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है।
29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर से बिहार में मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो सकता है। शुरुआती दौर में कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिलेगी।29 अक्टूबर को बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। खासकर औरंगाबाद, कैमूर, गया, नवादा, किशनगंज और पूर्णिया जिलों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।इसके अलावा दक्षिण बिहार और सीमांचल के अन्य हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है।
30 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। इसके बाद मौसम की गतिविधियां किस दिशा में बढ़ेंगी, यह चक्रवाती सिस्टम की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करेगा।
50 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार सतही हवाएं चल सकती हैं।तेज हवा के कारण पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने, अस्थायी निर्माण क्षतिग्रस्त होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और टिन की छत वाले घरों को अधिक नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को अपने घरों की कमजोर छतों और अस्थायी ढांचों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
वज्रपात से जान-माल को नुकसान का खतरा
मौसम विभाग ने बारिश के साथ वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की है। आकाशीय बिजली गिरने से इंसानों और पशुधन की जान को खतरा हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होना खतरनाक साबित हो सकता है।किसानों और खेतिहर मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने या बादल गरजने पर खेतों में काम बंद कर सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए।खुले मैदान में पशुओं को बांधकर रखने से भी बचना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना बेहतर होगा।किसानों की बढ़ सकती है परेशानी
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली संभावित बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। इस समय कई इलाकों में खरीफ फसलों की कटाई और भंडारण का काम चल रहा है।ऐसे में अचानक बारिश होने से खेतों में खड़ी फसलों के प्रभावित होने की आशंका है। तेज हवा के कारण धान की फसल गिर सकती है, जबकि खेतों या खुले स्थानों पर रखी कटी फसल भीगकर खराब हो सकती है।मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कटाई तथा अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाएं।फलदार पेड़ों को भी तेज हवा से नुकसान पहुंच सकता है। खासकर कमजोर शाखाओं वाले पेड़ों के टूटने की आशंका बनी रहेगी।
फिलहाल बिहार में मौसम सामान्य
मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 26 अक्टूबर के बीच बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान दिन में धूप निकलने से हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है।अगले कुछ दिनों में तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है।27 अक्टूबर से मौसम में बदलाव के शुरुआती संकेत दिखाई देने की
संभावना
है। इसके बाद 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने आम नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से गरज-चमक और तेज हवाओं के समय सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है।लोगों को बिजली के खुले तारों, कमजोर पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानी से गाड़ी चलाने की जरूरत होगी।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव होने पर बारिश का पूर्वानुमान भी बदल सकता है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।फिलहाल बिहार में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच मौसम के खराब रहने की आशंका है। खासकर 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को देखते हुए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी होगा।
Next Story