बिहार

बाढ़ के बीच पानी निकासी बनी बड़ी चुनौती

Kavita2
6 Sept 2026 2:29 PM IST
बाढ़ के बीच पानी निकासी बनी बड़ी चुनौती
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पटना। गंगा नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के बाद शहरों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात में प्रशासन के सामने सिर्फ नदी के पानी को शहर में प्रवेश करने से रोकने की चुनौती नहीं है, बल्कि शहर के अंदर जमा होने वाले बारिश और नालों के पानी की निकासी भी एक बड़ी समस्या बन गई है।

जलभराव की स्थिति से निपटने की पूरी जिम्मेदारी अब पंपिंग सिस्टम पर निर्भर है। यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है, पंप खराब होते हैं या नालों में किसी तरह की रुकावट आती है तो निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल सकता है।

पंपिंग व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ शहर की जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा शुरू हो गई है। नदी का पानी रोकने के लिए बांध और तटबंधों की निगरानी की जा रही है, लेकिन शहर के भीतर जमा पानी को बाहर निकालना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

शहर में बारिश और नालों से आने वाले पानी को बाहर निकालने के लिए पंपिंग स्टेशनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यही सिस्टम लगातार काम करता रहे तो जलभराव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

बिजली बाधित हुई तो बढ़ सकती है परेशानी

प्रशासन के सामने सबसे बड़ा खतरा पंपिंग सिस्टम के रुकने का है। भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात में यदि बिजली आपूर्ति में किसी तरह की बाधा आती है तो पानी निकालने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा पंप में तकनीकी खराबी या नालों में कचरा जमा होने से भी जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में पंपिंग सिस्टम की लगातार निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखना बेहद जरूरी है।

2019 की बाढ़ ने दिखाया था खतरा

वर्ष 2019 में आई बाढ़ के दौरान शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। कई इलाकों में नाले और पंपिंग सिस्टम पानी के दबाव के आगे बेबस हो गए थे।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि शहर के कई हिस्सों में नावों की मदद से लोगों की आवाजाही करानी पड़ी थी।

उस अनुभव के बाद प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया, लेकिन वर्तमान हालात में एक बार फिर इसकी क्षमता की परीक्षा हो रही है।

निचले इलाकों पर विशेष नजर

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच शहर के निचले इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। इन क्षेत्रों में पानी जमा होने की संभावना अधिक रहती है।

प्रशासन की टीमें ऐसे इलाकों पर लगातार नजर रख रही हैं और जलभराव की स्थिति बनने पर तत्काल कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।

नालों की सफाई भी अहम

जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नालों की सफाई भी जरूरी है। नालों में कचरा और गाद जमा होने से पानी का बहाव रुक सकता है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नालों की स्थिति पर नजर रखें और जहां जरूरत हो वहां तत्काल सफाई कराई जाए।

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। जल संसाधन, नगर निकाय और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पंपिंग स्टेशनों की स्थिति, बिजली व्यवस्था और जल निकासी मार्गों की समीक्षा की जा रही है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ और जलभराव की स्थिति में सतर्क रहें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती शहर के भीतर पानी को नियंत्रित रखना है। नदी का पानी रोकने के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखना जरूरी है, ताकि 2019 जैसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

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