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Nalanda नालंदा : नालंदा के पावापुरी मेडिकल कॉलेज में बारिश के बाद जलभराव हो गया। अस्पताल के वार्डों में पानी भरने से मरीजों को परेशानी हो रही है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा है।
मामले को लेकर मंत्री डॉ. सुनील ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार के नालंदा जिले स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान एवं विज्ञान संस्थान, पावापुरी की हालत इन दिनों गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में हुई हल्की बारिश ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोल दी। कुछ ही घंटों की बारिश ने पूरे अस्पताल परिसर को 'झील' बना दिया। अस्पताल परिसर के जलमग्न होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्डों में भरा गंदा पानी, दीवारों से भी टपकता है पानी
अस्पताल के गलियारे, वार्ड और बरामदे पानी से भर गए हैं। दीवारों से लगातार पानी टपक रहा है। कई वार्डों में गंदा पानी जमा हो गया है। यह न केवल अस्पताल की खस्ताहाल व्यवस्था को उजागर करता है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत भी सामने लाता है। मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को न केवल चिकित्सा सेवाओं की कमी झेलनी पड़ रही है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव झेलना पड़ रहा है।
परिजनों का आरोप: 'इलाज नहीं, बीमारी बढ़ रही है यहां' नवादा से आए मरीज सुनील कुमार और शेखपुरा की मालती देवी के परिजन बताते हैं कि उन्हें खुद हाथ से पंखा झेलना पड़ता है, क्योंकि बिजली और पंखों की कोई व्यवस्था नहीं है। एक परिजन ने कहा, 'मरीज बरामदे में पड़े हैं, परिजन फर्श पर सोने को मजबूर हैं। इलाज के नाम पर कुछ नहीं है। यह अस्पताल नहीं, भगवान भरोसे टिका शिविर है।'
#नालंदा के पावापुरी मेडिकल कॉलेज में बारिश के बाद जलभराव हो गया। अस्पताल के वार्डों में पानी भरने से मरीजों को परेशानी हो रही है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा है। मामले को लेकर मंत्री डॉ. सुनील ने नाराजगी जताई है क अन्य परिजन ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन यहां न डॉक्टर समय पर आते हैं, न सफाई होती है। थोड़ी सी बारिश में पूरा अस्पताल तालाब बन जाता है। यह कैसी स्वास्थ्य सेवा है?'
मंत्री का कड़ा रुख: 'लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त' बिहार सरकार के मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने पावापुरी मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर और प्रबंधन अपना कार्य पूरी ईमानदारी से निभाएं।' मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
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