
जहानाबाद। काको थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में मंगलवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के करीब 10 लोगों के घायल होने की सूचना है। अचानक हुई मारपीट के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही काको थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। मंगलवार को किसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी विवाद में बदल गई और दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान लाठी-डंडे समेत अन्य साधनों से एक-दूसरे पर हमला किए जाने की बात सामने आई है।
विवाद के बाद शुरू हुई मारपीट
स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन से जुड़े विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति रही थी। मंगलवार को विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से भिड़ गए। मारपीट में कई लोगों को चोटें आईं।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। अचानक हुए विवाद के कारण कुछ समय के लिए गांव में तनाव और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद काको थाना की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से घटना की जानकारी ली और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की मौजूदगी के बाद हालात सामान्य हुए।
एक पक्ष के छह लोग घायल
घटना में एक पक्ष से अरविंद कुमार, विजय यादव, धनंजय कुमार, दीपक कुमार और प्रियंका कुमारी समेत छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों की जांच की और उनकी चोटों के अनुसार उपचार शुरू किया। मारपीट में दूसरे पक्ष के भी कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि, दूसरे पक्ष के घायलों की विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी घायलों के परिजनों और परिचितों की भीड़ जुट गई। परिजन घटना को लेकर चिंतित नजर आए और पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
मारपीट की सूचना मिलने के बाद काको थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन विवाद की मूल वजह क्या है और मंगलवार को किन परिस्थितियों में दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हुई। इसके साथ ही पुलिस घटना में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर सकती है। घायलों के चिकित्सकीय जांच और मेडिकल रिपोर्ट को भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुराने विवाद की भी होगी पड़ताल
जमीन विवाद से जुड़े मामलों में अक्सर पहले से चले आ रहे विवाद और जमीन के कागजात महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटा रही है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद कब से चल रहा था।
पुलिस संबंधित जमीन के दस्तावेजों और दोनों पक्षों के दावों की भी जांच कर सकती है। यदि पहले इस मामले को लेकर किसी स्तर पर शिकायत या विवाद दर्ज हुआ है तो उसके रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बीच दोबारा तनाव न बढ़े, इसके लिए इलाके पर नजर रख रही है।
गांव में पुलिस की निगरानी
घटना के बाद मिर्जापुर गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच दोबारा टकराव की स्थिति पैदा न हो।
ग्रामीणों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवादों को लेकर होने वाले आपसी टकराव की समस्या को सामने ला दिया है। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। घायलों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।





