
BIHAR के भागलपुर जिले में एक मोबाइल चोरी के आरोपित किशोर को ग्रामीणों की भारी भीड़ ने पकड़कर पेड़ से बांधकर पीटा। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं। घटना के अनुसार, आरोपी लड़के ने कथित रूप से किसी के घर में चोरी करने के उद्देश्य से घुसने की कोशिश की। जब ग्रामीणों ने उसे देखा, तो वह भागने लगा, लेकिन चौकस ग्रामीणों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।, जिसमें आरोपी को बड़े पेड़ से कई रस्सियों से बांधकर खड़ा दिखाया गया है। वीडियो में आरोपी हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए नजर आता है, जबकि ग्रामीण उसे डांटते और गालियां देते हुए धमकी दे रहे हैं। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लड़के की पहचान पास के पुरैनी गांव का निवासी के रूप में की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिस कारण वे अधिक सतर्क थे। यही सतर्कता और गुस्सा मिलकर इस तरह की प्रतिक्रिया का कारण बनी।जगदीश्वरपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी और मामले की पूरी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि गुस्साए ग्रामीणों द्वारा शारीरिक दंड देना कानून की दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, और किसी को भी बिना जांच के पीटना कानूनी अपराध है। इसके बावजूद, ग्रामीणों का गुस्सा चोरी की घटनाओं के लगातार बढ़ते मामले और सुरक्षा की चिंता से प्रेरित बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरी की घटनाएं गांव में आम हो गई हैं, और उन्होंने पिछले कुछ महीनों में कई घरों में चोरी की घटनाओं का सामना किया है। यही कारण है कि लोग अपने इलाके में संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने और उसे सबक सिखाने के लिए चौकस रहते हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा कानून के हाथ में काम लेना उचित नहीं है और इस तरह के मामलों में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए।आरोपी किशोर की उम्र और पृष्ठभूमि को देखते हुए, पुलिस उसे बाल संरक्षण कानून के तहत भी जांच कर सकती है। अधिकारी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि आरोपी के परिवार और गांव वालों के साथ भी बातचीत की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना ने बिहार में ग्रामीण न्याय और लोकगणना के बीच संतुलन को लेकर भी बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीणों का गुस्सा और सतर्कता समझी जा सकती है, लेकिन कानून की अवहेलना करना समाज के लिए खतरनाक संकेत है।भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस ने गांवों में जागरूकता बढ़ाने और पेट्रोलिंग तेज करने की योजना बनाई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते ही पुलिस को सूचित करें और स्वयं दंडात्मक कार्रवाई से बचें।





