
भागलपुर। बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु पर आज यानी 1 अक्टूबर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्स्थापन के लिए करीब तीन महीने का मेगा ब्लॉक लिया गया है। इस दौरान सेतु पर बने अस्थायी बेली ब्रिज को हटाकर नया ट्रस ब्रिज तैयार किया जाएगा। पुल बंद होने के कारण आम यात्रियों और वाहनों के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है। यात्रियों को गंगा पार कराने के लिए 11 क्रूज की नि:शुल्क सेवा शुरू की जा रही है, जबकि वाहनों के लिए सात कार्गो जहाज चलाने की योजना है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर सहित आसपास के कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं। तीन महीने तक वाहनों का परिचालन बंद रहने के कारण सड़क मार्ग से आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए गंगा नदी के रास्ते यात्रियों और वाहनों को पार कराने की व्यवस्था की गई है।
सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर पहले अस्थायी तौर पर बेली ब्रिज बनाया गया था, जिससे छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल की गई थी। अब स्थायी मरम्मत के लिए इस बेली ब्रिज को हटाया जाएगा और उसकी जगह मजबूत स्टील ट्रस संरचना तैयार की जाएगी। मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकी गई है।
प्रशासन ने यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए गंगा में क्रूज सेवा शुरू करने की व्यवस्था की है। कुल 11 क्रूज यात्रियों को गंगा के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचाएंगे। खास बात यह है कि यात्रियों से इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार की ओर से क्रूज सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना के तहत नदी के दोनों किनारों से नियमित अंतराल पर जहाज और नाव चलाए जाने की तैयारी है, ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन को आशंका है कि सेतु बंद होने के कारण नदी मार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ सकती है। ऐसे में घाटों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
वहीं वाहनों को गंगा पार कराने के लिए सात कार्गो जहाज की व्यवस्था की गई है। हालांकि फिलहाल इसमें एक बाधा सामने आई है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने शुरुआती तीन दिनों तक कार्गो जहाजों का परिचालन नहीं करने का निर्देश दिया है। ऐसे में इस अवधि में वाहनों को वैकल्पिक सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ सकता है। जलस्तर की स्थिति सामान्य होने के बाद कार्गो परिचालन शुरू किए जाने की उम्मीद है।
सेतु पर मरम्मत के दौरान क्षतिग्रस्त स्लैब को स्थायी रूप से बदला जाएगा। इसके साथ ही अस्थायी व्यवस्था को हटाकर मजबूत ट्रस ब्रिज स्थापित किया जाएगा। निर्माण और पुनर्स्थापन कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए पुल को वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रखना जरूरी माना गया है।
मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी से जुड़े इंजीनियरों और तकनीकी टीमों ने तैयारी शुरू कर दी है। बेली ब्रिज को हटाने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से पर नए स्टील स्ट्रक्चर के निर्माण का काम आगे बढ़ेगा। पूरी प्रक्रिया के लिए करीब तीन महीने का समय निर्धारित किया गया है।
विक्रमशिला सेतु के बंद होने का सबसे ज्यादा असर भागलपुर से नवगछिया, कोसी और सीमांचल की ओर आने-जाने वाले लोगों पर पड़ सकता है। यह पुल लंबे समय से इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण यातायात कड़ी के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। पुल बंद होने से दैनिक यात्रियों के साथ व्यापारिक गतिविधियों और माल ढुलाई पर भी असर पड़ने की आशंका है।
इसी कारण प्रशासन ने सड़क मार्ग के अलावा जलमार्ग को प्रमुख विकल्प बनाया है। पैदल यात्रियों और सामान्य यात्रियों के लिए क्रूज सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि वाहनों के लिए कार्गो जहाज की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि तीन महीने के मेगा ब्लॉक के दौरान दोनों किनारों के बीच संपर्क बना रहे और लोगों को न्यूनतम परेशानी हो।
सेतु बंद होने से घाटों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए वहां आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। लोगों की आवाजाही, जहाजों में चढ़ने-उतरने और सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन को लगातार निगरानी करनी होगी। खासकर त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर है। इसी वजह से तीन दिनों तक कार्गो जहाजों का संचालन रोक दिया गया है। यात्रियों के लिए क्रूज सेवा को प्राथमिकता से शुरू किया जा रहा है, जबकि वाहनों के लिए स्थिति सामान्य होने के बाद कार्गो परिचालन की व्यवस्था लागू होगी।
तीन महीने के इस मेगा ब्लॉक के दौरान विक्रमशिला सेतु पर स्थायी मरम्मत का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नया ट्रस ब्रिज तैयार होने और क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्स्थापन के बाद पुल पर सामान्य यातायात फिर शुरू किया जा सकेगा।
विक्रमशिला सेतु पर यातायात बंद होने के साथ ही अब अगले कुछ महीनों तक गंगा का जलमार्ग भागलपुर के लोगों के लिए अहम विकल्प रहेगा। 11 नि:शुल्क क्रूज यात्रियों को राहत देंगे, जबकि सात कार्गो जहाज वाहनों को पार कराने में मदद करेंगे। फिलहाल तीन दिनों तक कार्गो सेवा बंद रहने के कारण प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर सबकी नजर रहेगी





