बिहार

नवादा में गाड़ी मालिकों की बढ़ी परेशानी, नहीं मिला चुनावी किराया

Saba Naaz
22 July 2026 3:27 PM IST
नवादा में गाड़ी मालिकों की बढ़ी परेशानी, नहीं मिला चुनावी किराया
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बिहार: विधानसभा चुनाव संपन्न हुए करीब नौ माह बीत चुके हैं, लेकिन नवादा जिले में चुनाव ड्यूटी के लिए अधिग्रहित किए गए निजी वाहनों का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। प्रशासन के निर्देश पर चुनावी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले वाहन मालिक अब तक अपने किराये की राशि का इंतजार कर रहे हैं। भुगतान में देरी को लेकर वाहन मालिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द राशि जारी करने की मांग की है।

वाहन मालिकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशासन ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए उनकी निजी गाड़ियों को अधिग्रहित किया था। उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि चुनाव समाप्त होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार वाहन किराये का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन चुनाव खत्म हुए कई महीने बीत जाने के बाद भी उनके खाते में अब तक राशि नहीं पहुंची है।

अकबरपुर क्षेत्र के कई वाहन मालिकों ने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने प्रशासन के भरोसे अपनी गाड़ियां उपलब्ध कराईं थीं। वाहन मालिक उदय यादव, मो. मोनम और पप्पू सिंह समेत अन्य लोगों का कहना है कि उन्होंने समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन अब भुगतान के लिए उन्हें अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

वाहन मालिकों के अनुसार, चुनाव ड्यूटी में गाड़ियां लगाने के बाद उनका सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ था। कई लोगों की गाड़ियां कई दिनों तक चुनावी कार्य में लगी रहीं, जिससे उन्हें निजी और व्यावसायिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद किराये की राशि नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है।

वाहन मालिकों ने बताया कि गाड़ियों के रखरखाव का खर्च लगातार जारी है। उन्हें बैंक की किस्त, बीमा, रोड टैक्स, फिटनेस शुल्क और वाहन की मरम्मत जैसे खर्चों का भुगतान करना पड़ रहा है। चुनाव ड्यूटी के दौरान वाहन उपलब्ध कराने के बाद भी समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लंबित भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि वाहन मालिकों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में निजी वाहन मालिक प्रशासन का सहयोग करते हैं, इसलिए उनके मेहनताने का भुगतान समय पर होना चाहिए।

स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि नौ महीने का लंबा समय बीत जाना चिंता का विषय है। अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे अपनी समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करने को मजबूर होंगे।

वहीं, जिला प्रशासन की ओर से भुगतान में देरी के कारणों को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वाहन मालिकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही मामले का समाधान करेगा और चुनाव ड्यूटी में लगाए गए वाहनों का बकाया किराया जारी किया जाएगा।

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