बिहार

मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन ब्लास्ट, 6 गंभीर घायल, 20 इमारतें क्षतिग्रस्त

Rajeshwari Nishad
2 Nov 2026 2:13 PM IST
मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन ब्लास्ट, 6 गंभीर घायल, 20 इमारतें क्षतिग्रस्त
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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार को नाला निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सड़क किनारे जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान मशीन की चपेट में भूमिगत पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की पाइपलाइन आ गई। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होते ही गैस का रिसाव शुरू हो गया और कुछ ही देर में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में छह लोग बुरी तरह घायल हो गए, जबकि आसपास के मकानों और दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आठ मकान और 12 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। घायलों में दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
जेसीबी से नाला खोदते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र का है। यहां नाला निर्माण के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई का काम चल रहा था। सोमवार को मजदूर और मशीन ऑपरेटर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान खुदाई करते समय जेसीबी का हिस्सा जमीन के नीचे बिछी PNG गैस पाइपलाइन से टकरा गया।
मशीन की चोट से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें से तेजी से गैस बाहर निकलने लगी। बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में गैस का रिसाव बढ़ गया और इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर घरों और दुकानों से बाहर निकलने लगे।
धमाके से इलाके में मची अफरा-तफरी
विस्फोट के बाद घटनास्थल के आसपास धुआं और दहशत का माहौल बन गया। सड़क पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दौरान छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, घायलों में दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई गई है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। हालांकि, घायलों के नाम और उनकी विस्तृत चिकित्सकीय स्थिति की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
आठ मकान और 12 दुकानों को नुकसान
गैस पाइपलाइन में धमाके का असर आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में भी देखने को मिला। घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब आठ मकान और 12 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। धमाके से इमारतों और दुकानों को नुकसान पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
लोगों के मन में इस बात को लेकर भी डर बना हुआ था कि कहीं पाइपलाइन से दोबारा गैस का रिसाव शुरू न हो जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई।
प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। गैस पाइपलाइन से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी टीम को भी स्थिति नियंत्रित करने के लिए बुलाया गया।
ऐसी घटनाओं में सबसे पहले गैस की आपूर्ति बंद करना और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करना जरूरी होता है। इसके बाद घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाता है।
निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर की इस घटना ने नाला निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेसीबी से खुदाई शुरू करने से पहले जमीन के नीचे मौजूद गैस पाइपलाइन की स्थिति की जांच की गई थी या नहीं।
शहरों में PNG गैस की पाइपलाइन जमीन के नीचे बिछाई जाती है। ऐसे में सड़क, नाली या अन्य निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित एजेंसी से पाइपलाइन का नक्शा और उसकी वास्तविक स्थिति पता करना जरूरी है। मशीन से खुदाई करते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
यदि भूमिगत पाइपलाइन को नुकसान पहुंचता है, तो गैस रिसाव के कारण आग या विस्फोट जैसी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए निर्माण एजेंसियों को तकनीकी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
अब इस घटना की जांच में यह पता लगाने की जरूरत होगी कि पाइपलाइन किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त हुई। क्या निर्माण एजेंसी को भूमिगत गैस पाइपलाइन की जानकारी थी? क्या खुदाई से पहले संबंधित विभाग से अनुमति और तकनीकी मार्गदर्शन लिया गया था? क्या मौके पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे?
जांच में इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। साथ ही पाइपलाइन की मरम्मत और प्रभावित मकानों तथा दुकानों को हुए नुकसान का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल मुजफ्फरपुर का यह हादसा शहर में निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है। छह लोगों के घायल होने और कई मकानों तथा दुकानों को नुकसान पहुंचने से स्थानीय लोग सहमे हुए हैं।
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