बिहार

नालंदा में ट्रक चालक लापता, गमछा-चप्पल मिलने से बढ़ी चिंता

Kavita2
16 Aug 2026 11:20 AM IST
नालंदा में ट्रक चालक लापता, गमछा-चप्पल मिलने से बढ़ी चिंता
x

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र में ट्रक और ठेले की टक्कर के बाद हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। धुर गांव स्टैंड के समीप शनिवार शाम एक ट्रक से ठेला टकराने और उसके क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर ट्रक चालक राजीव कुमार के साथ मारपीट की। इसी दौरान ट्रक का शीशा भी तोड़ दिया गया। विवाद के बीच खलासी ट्रक लेकर मौके से निकल गया, लेकिन चालक राजीव कुमार वहीं भीड़ के बीच रह गया। देर रात तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। घटनास्थल से राजीव का गमछा और चप्पल मिलने के बाद परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताई है।

जानकारी के मुताबिक शनिवार शाम धुर गांव स्टैंड के पास ट्रक और ठेले के बीच टक्कर हो गई। टक्कर के कारण ठेला क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और ट्रक चालक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

आरोप है कि ठेला क्षतिग्रस्त होने से नाराज कुछ लोगों ने ट्रक चालक राजीव कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान ट्रक के शीशे को भी नुकसान पहुंचाया गया। हालात बिगड़ते देखकर ट्रक का खलासी वाहन लेकर वहां से निकल गया, जबकि चालक राजीव भीड़ के बीच ही रह गया।

देर रात तक घर नहीं पहुंचा चालक

विवाद के बाद परिजनों को उम्मीद थी कि राजीव किसी तरह घर पहुंच जाएगा। लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की और परिचितों तथा आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने की कोशिश की।

काफी खोजबीन के बाद भी राजीव का कोई पता नहीं चलने पर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू की।

परिजनों का कहना है कि घटना के समय राजीव के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद से उसका अचानक गायब होना चिंता का विषय है। परिवार यह जानना चाहता है कि विवाद खत्म होने के बाद वह कहां गया और उसके साथ क्या हुआ।

मौके से मिले गमछा और चप्पल

मामले में उस समय चिंता और बढ़ गई, जब घटनास्थल के पास से राजीव का गमछा और चप्पल मिलने की बात सामने आई। इन सामानों को देखकर परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई है।

हालांकि केवल गमछा और चप्पल मिलने के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि ये सामान घटनास्थल पर कैसे पहुंचे और राजीव को आखिरी बार किस समय तथा किसके साथ देखा गया था।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान इस मामले में अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस यह जानकारी जुटा सकती है कि मारपीट के बाद राजीव वहां से खुद निकला था या उसे किसी के साथ जाते हुए देखा गया।

खलासी से पूछताछ हो सकती है अहम

घटना के दौरान ट्रक का खलासी वाहन लेकर वहां से निकल गया था। ऐसे में खलासी से मिलने वाली जानकारी मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। वह घटना से पहले और विवाद के दौरान की परिस्थितियों के बारे में पुलिस को जानकारी दे सकता है।

पुलिस यह जानने का प्रयास कर सकती है कि खलासी ने राजीव को आखिरी बार किस स्थिति में देखा था। ट्रक लेकर जाने के बाद उसकी राजीव से कोई बातचीत हुई थी या नहीं, इसकी भी जांच महत्वपूर्ण होगी।

राजीव के मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड भी उसके लापता होने की गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित हो सकते हैं। मोबाइल फोन चालू होने की स्थिति में तकनीकी सहायता से उसकी अंतिम लोकेशन का पता लगाया जा सकता है।

परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

राजीव के अचानक लापता होने से परिवार के सदस्य परेशान हैं। घटनास्थल पर उसका सामान मिलने और उससे पहले मारपीट होने के कारण परिवार किसी अनहोनी की आशंका जता रहा है।

परिजनों की मांग है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजीव को जल्द तलाश करे। इसके साथ ही उन लोगों की पहचान भी की जाए, जो विवाद और कथित मारपीट में शामिल थे।

फिलहाल चालक के बारे में कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आने के कारण कई सवाल बने हुए हैं। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वह घटना के बाद कहां गया।

प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाना जरूरी

घटना शनिवार शाम की है और धुर गांव स्टैंड के पास हुई, जहां सामान्य रूप से लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पुलिस के लिए मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की पहचान कर उनके बयान दर्ज करना महत्वपूर्ण होगा।

यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि ट्रक और ठेले की टक्कर कैसे हुई, इसके बाद विवाद किसने शुरू किया और चालक के साथ मारपीट में कौन-कौन शामिल था। इसके अलावा विवाद शांत होने के बाद राजीव को आखिरी बार किस दिशा में जाते देखा गया, यह जानकारी भी जांच को दिशा दे सकती है।

यदि आसपास दुकानों, प्रतिष्ठानों या मकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज भी खंगाली जा सकती है। इससे घटना के दौरान भीड़ और चालक की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

इलाके में तनाव की स्थिति

ट्रक चालक के लापता होने की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। एक तरफ ग्रामीणों से विवाद और कथित मारपीट का मामला है, वहीं दूसरी ओर चालक का कोई पता नहीं चलने से उसके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

ऐसी स्थिति में पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लापता चालक की तलाश करना बड़ी प्राथमिकता है। पुलिस को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि घटना को लेकर किसी तरह की अफवाह न फैले।

स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की जा सकती है। किसी भी अपुष्ट जानकारी के आधार पर तनाव बढ़ने से रोकना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

कई पहलुओं पर जांच की जरूरत

मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। ट्रक और ठेले की टक्कर के बाद विवाद कितना गंभीर हुआ, राजीव के साथ किन लोगों ने कथित तौर पर मारपीट की, खलासी उसे भीड़ के बीच छोड़कर क्यों चला गया और इसके बाद राजीव कहां गया, इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल घटनास्थल से मिले गमछे और चप्पल को लेकर है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि मारपीट के दौरान ये सामान वहीं छूटे या बाद में किसी अन्य परिस्थिति में वहां पहुंचे।

इसके साथ ही आसपास के खेतों, सुनसान स्थानों, जलस्रोतों और संभावित रास्तों पर भी तलाश की जा सकती है। तकनीकी जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ से चालक तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल एकंगरसराय थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद चालक राजीव कुमार का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। परिवार उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। वहीं घटनास्थल से मिले सामान और कथित मारपीट के कारण मामला गंभीर हो गया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि शनिवार शाम विवाद के बाद राजीव के साथ वास्तव में क्या हुआ।

Next Story