
अररिया। अररिया सदर अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि समय पर बेहतर इलाज नहीं मिलने के कारण महिला की जान चली गई।
मामला सोमवार सुबह का बताया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
प्रसव के बाद महिला की बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार, रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के गुणवती पंचायत के वार्ड संख्या-8 निवासी दिलीप कुमार राय की 26 वर्षीय बेटी अंजलि देवी को प्रसव पीड़ा के बाद 26 अगस्त को अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में महिला का प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
मृतका के परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई।
परिजनों का कहना है कि महिला की हालत खराब होने के बाद भी समय पर जरूरी उपचार नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नर्स और आशा कार्यकर्ता पर पैसे लेने का आरोप
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात नर्स और आशा कार्यकर्ता पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका आरोप है कि प्रसव के दौरान उनसे तीन हजार रुपये लिए गए। परिजनों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोपों की पुष्टि के लिए अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच की जा सकती है।
मॉडल अस्पताल के दावों पर उठे सवाल
अररिया सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद यहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया जाता रहा है।
लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों के कारण अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की देखभाल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
अस्पताल परिसर में हुआ हंगामा
महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में हंगामा किया।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद अस्पताल के अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब पूरे मामले की जांच कर सकता है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरती गई या नहीं।
इसके अलावा पैसे लेने के आरोपों की भी जांच की जा सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ी चिंता
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके।
परिजनों ने मांगा न्याय
मृतका के परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि अंजलि देवी की मौत के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो।
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।





