
पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मोकामा में हंगामे की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक मतदान केंद्र पर जदयू विधायक अनंत सिंह और विधान परिषद प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हुई, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर डीएसपी पुलिस बल के साथ पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को वहां से हटाया। कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी सूचना है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है। इस घटना ने पहले से चर्चित पटना स्नातक सीट के चुनावी मुकाबले को और सुर्खियों में ला दिया है।
मोकामा के मतदान केंद्र पर समर्थकों में कहासुनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोकामा के एक मतदान केंद्र पर मतदान के दौरान दो पक्षों के समर्थकों में किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में दोनों ओर से कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ने लगा।
बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल लोग अनंत सिंह और नीरज कुमार के समर्थक थे। मतदान केंद्र के आसपास हंगामा बढ़ने की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
डीएसपी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वहां मौजूद लोगों को हटाया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मतदान केंद्र के आसपास तनाव कम करने का प्रयास किया गया।
घटना के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत
पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जनता दल यूनाइटेड के ही दो प्रमुख नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं।
मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपनी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। दोनों नेताओं के बीच चुनाव प्रचार के दौरान भी बयानबाजी हुई थी।
इस कारण पटना स्नातक सीट का चुनाव केवल उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है।
जदयू के भीतर मतभेद से बढ़ी चुनावी चुनौती
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार जदयू के उम्मीदवार हैं। वह अपनी सीट बरकरार रखने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं।
दूसरी तरफ अनंत सिंह ने जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया है। इससे जदयू के भीतर राजनीतिक असहमति खुलकर सामने आ गई है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने की कोशिशों की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन अनंत सिंह ने नीरज कुमार के विरोध का अपना रुख नहीं बदला।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस स्थिति का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। हालांकि, मतदाता किस उम्मीदवार के पक्ष में फैसला देते हैं, यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
आठ विधान परिषद सीटों पर मतदान जारी
बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों पर शुक्रवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। इन सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल हैं।
सभी आठ सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित किया गया है। चुनाव के परिणाम 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।
933 मतदान केंद्रों पर पांच लाख से ज्यादा मतदाता
विधान परिषद चुनाव के लिए राज्य में कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 598 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 मतदान केंद्र निर्धारित हैं।
इस चुनाव में कुल 5 लाख 32 हजार 847 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के पात्र हैं।
इनमें 3 लाख 86 हजार 199 पुरुष और 1 लाख 46 हजार 611 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा अन्य लिंग श्रेणी के 37 मतदाता भी पंजीकृत हैं।
निर्वाचन विभाग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों पर आवश्यक इंतजाम किए हैं।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधान परिषद चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है।
पटना में 42 उड़नदस्ता दल, 11 जोनल दंडाधिकारी और छह सुपर जोनल दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है।
मतदान केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती और वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतदान प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मोकामा में समर्थकों के बीच विवाद की सूचना के बाद चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अहमियत और बढ़ गई है।
मतदान के लिए कर्मचारियों को विशेष अवकाश
निर्वाचन प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में विशेष आकस्मिक अवकाश की व्यवस्था की गई है।
पटना के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी मतदान को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा रहा है। मतदाताओं को निर्धारित बैंगनी रंग के स्केच पेन से अपनी पसंद दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
27 अक्टूबर को होगा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित स्थानों पर जमा कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतों की गणना होगी।
राजनीतिक रूप से सबसे अधिक नजरें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर टिकी हुई हैं। यहां जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह समेत अन्य उम्मीदवारों से चुनौती मिल रही है।
अनंत सिंह के विरोध के कारण यह चुनाव जदयू के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा बन गया है।
फिलहाल मोकामा में समर्थकों के बीच हुए कथित विवाद ने मतदान के दिन चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की चुनौती है।
अब देखना होगा कि 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद पटना स्नातक सीट पर कौन बाजी मारता है और अनंत सिंह तथा नीरज कुमार के बीच राजनीतिक टकराव का चुनावी नतीजों पर कितना असर दिखाई देता है।





