
भागलपुर : नीट पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान भागलपुर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शहर का तिलकामांझी चौक कुछ समय के लिए रणक्षेत्र में बदल गया, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान कई सरकारी और निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए गए थे, लेकिन तिलकामांझी चौक पर हालात अचानक बिगड़ गए। करीब 300 से 400 की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया और कई वाहनों को निशाना बनाया।
तिलकामांझी चौक पर जमकर हंगामा
जानकारी के अनुसार, बिहार बंद के समर्थन में प्रदर्शनकारी तिलकामांझी चौक पर एकत्र हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद भीड़ उग्र हो गई और सड़क पर हंगामा शुरू हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कुछ लोगों ने सरकारी और निजी वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
घटना के दौरान इलाके में मौजूद लोग और वाहन चालक अचानक हुए हंगामे से घबरा गए। कई लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में ही भलाई समझी।
कई वाहनों को बनाया निशाना
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। सरकारी और निजी दोनों तरह के वाहनों में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और भीड़ को हटाने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और उपद्रव करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नीट विवाद को लेकर आयोजित किया गया था बंद
बिहार बंद का आह्वान नीट पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा में अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
संगठनों की मांग है कि नीट मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।
पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे और तोड़फोड़ की जांच कर रही है। इसके लिए मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों की मदद ली जा रही है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
तिलकामांझी चौक पर हुए हंगामे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ से आम लोगों को परेशानी होती है।
व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन को पहले से बेहतर तैयारी करनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
भागलपुर प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि तोड़फोड़ और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर बिहार सहित देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी कड़ी में आयोजित बिहार बंद के दौरान भागलपुर में हुई घटना ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।





