
दरभंगा। बिहार विधान परिषद के दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। भाजपा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मतगणना अभिकर्ताओं के बीच मतपत्रों की वैधता को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। दूसरी ओर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद समर्थित उम्मीदवार अनिल कुमार झा को हराने के लिए करीब 10 प्रतिशत मतों को अवैध घोषित किया गया है। तेजस्वी ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, जिला प्रशासन ने अनियमितता के आरोपों को खारिज करते हुए निर्धारित नियमों के अनुसार मतगणना कराने की बात कही है।
दरभंगा में मतगणना के दौरान हंगामा, पांच एजेंट हिरासत में
बिहार विधान परिषद के दरभंगा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को लहेरियासराय स्थित खेल भवन सह व्यायामशाला में शुरू हुई थी।
मंगलवार देर रात शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पूरी हो गई, लेकिन स्नातक सीट की मतगणना बुधवार को भी जारी रही।
बुधवार को भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार और राजद समर्थित उम्मीदवार अनिल कुमार झा के अभिकर्ताओं के बीच मतपत्रों को वैध और अवैध घोषित करने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मतगणना केंद्र पर तनाव का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ने पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने हस्तक्षेप किया।
अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद हंगामा जारी रहने पर पुलिस ने पांच मतगणना अभिकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें भाजपा के तीन और राजद के दो अभिकर्ता शामिल बताए गए हैं।
तेजस्वी यादव का आरोप- राजद उम्मीदवार को हराने की कोशिश
दरभंगा में मतगणना को लेकर हुए विवाद के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 10 प्रतिशत मतों को अवैध घोषित कर दिया गया, ताकि राजद समर्थित प्रत्याशी को हराया जा सके।
तेजस्वी यादव ने मतगणना में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती पूरी नहीं की गई।
राजद नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रतिकूल चुनावी परिस्थितियां बनने पर निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है।
उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और मतगणना की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
हालांकि, तेजस्वी यादव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा के सर्वेश कुमार और राजद के अनिल झा के बीच मुकाबला
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार और राजद समर्थित अनिल कुमार झा के बीच मुकाबला चल रहा है।
बुधवार रात तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भाजपा के सर्वेश कुमार को 16,115 मत मिले थे, जबकि राजद के अनिल कुमार झा को 14,615 मत प्राप्त हुए थे।
इस तरह सर्वेश कुमार करीब 1,500 मतों से आगे चल रहे थे।
हालांकि, प्रथम वरीयता के मतों की गणना के बाद कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सका था।
इसके कारण चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए द्वितीय वरीयता के मतों की गणना जारी रखी गई।
बुधवार रात तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुआ था।
69 हजार से अधिक मतों की गिनती, 5,321 वोट अवैध
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रथम वरीयता के कुल 69,141 मतों की गणना की गई।
इनमें 5,321 मत अवैध पाए गए, जबकि 63,820 मत वैध घोषित किए गए।
वैध मतों के आधार पर जीत के लिए आवश्यक कोटा 31,911 मत निर्धारित हुआ।
किसी भी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता में इतने मत नहीं मिलने के कारण अन्य उम्मीदवारों के मतों की द्वितीय वरीयता के आधार पर गणना की प्रक्रिया शुरू की गई।
मतपत्रों की वैधता को लेकर राजद ने आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि उसके उम्मीदवार के पक्ष में पड़े कुछ वैध मतों को गलत तरीके से निरस्त किया गया।
हालांकि, मतपत्रों के अवैध घोषित होने का आंकड़ा अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है। इसके लिए संबंधित मतपत्रों और निर्वाचन नियमों की जांच आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने आरोपों को किया खारिज
दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों को निराधार बताया है।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। उम्मीदवारों और उनके अभिकर्ताओं को निर्धारित व्यवस्था के तहत मतगणना की जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी के अनुसार, मतपत्रों की वैधता संबंधी निर्णय नियमानुसार लिए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतगणना केंद्र पर अनुशासन बनाए रखना सभी अभिकर्ताओं की जिम्मेदारी है। चेतावनी के बावजूद हंगामा करने वालों के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
प्रशासन ने मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है।
राजद नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
मतगणना में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच राजद के वरिष्ठ नेता भी सक्रिय हो गए हैं।
पूर्व मंत्री ललित यादव और विधायक आलोक कुमार मेहता मतगणना केंद्र के बाहर पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राजद उम्मीदवार के साथ अन्याय हुआ तो पार्टी आंदोलन करेगी।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्तारूढ़ गठबंधन के दबाव में काम कर रहा है।
राजद नेताओं ने निष्पक्ष मतगणना की मांग की और चेतावनी दी कि किसी भी तरह की कथित गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना पूरी कराने की बात कही है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी हुआ था विवाद
दरभंगा में मतगणना केंद्र पर हंगामे की यह पहली घटना नहीं थी।
मंगलवार को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतों की गिनती के दौरान जन सुराज और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं के बीच विवाद हो गया था।
बताया गया कि एक अभिकर्ता द्वारा दूसरे को दल-बदल से जुड़ी टिप्पणी किए जाने पर कहासुनी शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था। बाद में पूछताछ के बाद उन्हें पीआर बांड पर छोड़ दिया गया।
अंतिम नतीजे पर टिकी सबकी नजरें
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव परिणाम अब राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है।
एक तरफ भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार प्रथम वरीयता की गणना में आगे रहे, वहीं राजद समर्थित अनिल कुमार झा के पक्ष ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
द्वितीय वरीयता के मतों की गणना पूरी होने के बाद ही अंतिम परिणाम स्पष्ट होगा।
फिलहाल दरभंगा में मतगणना को लेकर राजनीतिक तनाव बना हुआ है। तेजस्वी यादव के आरोपों और जिला प्रशासन के जवाब के बीच सभी की नजरें अंतिम चुनाव परिणाम तथा मतगणना प्रक्रिया पर टिकी हैं।





