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Patna पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इसे प्राकृतिक त्रासदी बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर साल बाढ़ की समस्या सामने आती है और इसके स्थायी समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बाढ़ केवल बिहार की नहीं बल्कि प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस बार ग्लेशियर के अचानक टूटने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
कुशवाहा ने कहा कि ग्लेशियर टूटना एक प्राकृतिक आपदा है, जिसका असर कई क्षेत्रों में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की जरूरत है।
RLM प्रमुख ने कहा कि बिहार में हर वर्ष बाढ़ की स्थिति बनती है, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों को राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस दिशा में सोच रही हैं और भविष्य में ऐसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने की जरूरत है।
बिहार में बाढ़ लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। मानसून के दौरान कई नदियों के जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई जिले प्रभावित होते हैं। इससे लोगों के घर, खेती और जनजीवन पर व्यापक असर पड़ता है।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी, मजबूत बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक उपायों के जरिए नुकसान को कम किया जा सकता है।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। विभिन्न दल सरकार से राहत कार्यों को तेज करने और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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