
Bihar: पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के एक नए और चौंकाने वाले तरीके का खुलासा किया है। यूपी नंबर की लग्जरी कार से करीब 60 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। तस्करों ने पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए फर्जी परिवार का सहारा लिया और महिला व नाबालिग को साथ लेकर पूरी तस्करी को एक सामान्य पारिवारिक यात्रा जैसा दिखाने की कोशिश की। इस मामले में एक पुरुष, एक महिला और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं और पुलिस अब आगे की कड़ियों की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी निवासी विजय पासवान, काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर निवासी कविता देवी और एक नाबालिग शामिल हैं। उत्पाद विभाग की जांच में यह बात सामने आई कि महिला और बच्चे को जानबूझकर परिवार का सदस्य बताकर रखा गया था, ताकि किसी भी तरह की चेकिंग के दौरान पुलिस को शक न हो और वाहन आसानी से आगे निकल सके। यह तरीका खास तौर पर उन रूट्स पर अपनाया गया जहां नियमित जांच अभियान चलाया जाता है।
उत्पाद थाना मोतिहारी के निरीक्षक शिवेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से विदेशी शराब की बड़ी खेप एक लग्जरी कार के जरिए बिहार लाई जा रही है। सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और कोटवा के पास एनएच पर वाहन जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान यूपी नंबर की संदिग्ध कार को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई, जिसमें लगभग 60 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। बरामद शराब को जब्त कर वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया। कार में सवार लोगों से शुरुआती पूछताछ के दौरान महिला ने खुद को निर्दोष बताने की कोशिश की और जांच टीम को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि, लगातार पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरा मामला सामने आने लगा। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला और नाबालिग को केवल इसलिए साथ रखा गया था ताकि यात्रा को पारिवारिक दिखाया जा सके और पुलिस की सख्ती से बचा जा सके। यह भी सामने आया कि तस्कर लंबे समय से इसी तरह के तरीके अपनाकर शराब की सप्लाई करने की कोशिश कर रहे थे।
पूछताछ में यह जानकारी भी मिली कि विदेशी शराब की यह खेप मुजफ्फरपुर में डिलीवर की जानी थी। इससे पहले ही उत्पाद विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को पकड़ लिया। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी में किन-किन लोगों की भूमिका रही है और यह नेटवर्क कितने जिलों तक फैला हुआ है। इसके लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। यह मामला सामने आने के बाद उत्पाद विभाग ने कहा है कि तस्कर अब नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। लगातार वाहन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।





