
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से आरजेडी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे तिवारी ने गुरुवार देर शाम एक भावुक वीडियो जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब संगठन में समर्पित और वफादार कार्यकर्ताओं के लिए जगह नहीं रह गई है।
मृत्युंजय तिवारी ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए लंबे समय तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
तिवारी आरजेडी के उन नेताओं में गिने जाते रहे हैं, जो लगातार मीडिया में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते थे। वे कई वर्षों तक पार्टी के मुखर प्रवक्ता के रूप में सक्रिय रहे और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर आरजेडी की बात सामने रखते रहे।
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि राजनीति में विचारधारा और समर्पण का महत्व होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब उन कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए मेहनत की है।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं से होती है और जब जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों की अनदेखी होती है तो इससे संगठन कमजोर होता है। तिवारी ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई।
मृत्युंजय तिवारी का आरजेडी से जुड़ाव काफी पुराना रहा है। पार्टी के कार्यक्रमों, चुनाव अभियानों और मीडिया बहसों में वह लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी पहचान पार्टी के तेज-तर्रार और स्पष्ट वक्ता नेताओं में रही है।
उनके पार्टी छोड़ने के फैसले को आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का चेहरा माने जाते थे। हालांकि, अभी तक आरजेडी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार की राजनीति में नेताओं का दल बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन चुनावी माहौल के बीच किसी प्रमुख प्रवक्ता का पार्टी छोड़ना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
तिवारी ने अपने वीडियो में किसी व्यक्ति विशेष पर सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और विचारधारा के लिए काम किया, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि आगे बढ़ना मुश्किल लग रहा है।
उन्होंने अपने समर्थकों से जुड़े रहने की अपील की और कहा कि भविष्य के बारे में फैसला समय आने पर लिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
आरजेडी में मृत्युंजय तिवारी की भूमिका लंबे समय तक महत्वपूर्ण रही है। वे पार्टी की नीतियों और विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक तरीके से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते थे। मीडिया में उनकी सक्रियता के कारण वह पार्टी के लोकप्रिय चेहरों में शामिल हो गए थे।
उनके इस्तीफे के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह आगे किस राजनीतिक दिशा में कदम बढ़ाते हैं। साथ ही, आरजेडी इस घटनाक्रम को किस तरह संभालती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
फिलहाल मृत्युंजय तिवारी के पार्टी छोड़ने का ऐलान बिहार की सियासत में एक नई चर्चा का विषय बन गया है। उनके समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब उनके अगले फैसले पर रहेगी।





