बिहार

मूसलाधार बारिश से मुंगेर में संकट, 150 घरों का संपर्क कटा

Saba Naaz
20 July 2026 3:56 PM IST
मूसलाधार बारिश से मुंगेर में संकट, 150 घरों का संपर्क कटा
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मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण गंगटा पंचायत के बसमता गांव के समीप सती नदी का सुरक्षा बांध टूट गया। बांध टूटने के साथ ही सड़क भी बह गई, जिससे करीब 150 घरों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को अब रोजमर्रा के कामों के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क बह जाने और रास्ता बंद होने के कारण उन्हें अब प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक आई इस समस्या से कई गांवों के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।

बताया जा रहा है कि बगरा नदी का पानी पुलिया बंद होने के कारण सती नदी में तेज दबाव के साथ पहुंचा। लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा बांध ज्यादा देर तक दबाव नहीं झेल सका और टूट गया। इसके बाद पानी के बहाव से सड़क का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया। इस घटना के बाद बसमता, घुघलाडीह, बिहवे और पहाड़पुर गांव के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।

ग्रामीणों ने इस स्थिति के लिए नदी क्षेत्र में अतिक्रमण और जल निकासी व्यवस्था बाधित होने को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल, दिनेश यादव, सुधीर पंडित और बाबूलाल यादव समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी की जमीन पर अतिक्रमण किए जाने और पुलिया बंद होने से पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पाई। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण हटाया जाता और पुलिया को चालू रखा जाता तो इतनी बड़ी समस्या नहीं आती।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ अस्थायी व्यवस्था से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नदी की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करनी होगी।

सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता चंद्रकांत और गंगटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और जल निकासी की व्यवस्था शुरू कराने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने पहले जमीन की मापी कराने और अतिक्रमण की जांच करने की मांग रख दी। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक समस्या की मूल वजह को दूर नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी स्थिति दोबारा बन सकती है।

कनीय अभियंता ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि जल निकासी की व्यवस्था जल्द करना जरूरी है, क्योंकि अगर पानी का दबाव लगातार बना रहा तो आसपास के इलाकों में और ज्यादा नुकसान हो सकता है। प्रशासन की ओर से जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया है।

इधर, लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की कई अन्य नदियां भी उफान पर हैं। मनी नदी, डंगरी, महाने, खर्रा और जोकिया नदी में पानी का स्तर बढ़ गया है। बारिश का असर सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। अनुमंडलीय अस्पताल और अंचल कार्यालय परिसर में पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों को वहां पहुंचने में परेशानी हो रही है।

सद्भावना घाट स्थित काजवे पुलिया पर करीब छह फीट पानी बहने के कारण वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो गया है। इससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

हालांकि, भारी बारिश ने जहां आम लोगों की परेशानियां बढ़ाई हैं, वहीं किसानों के लिए यह राहत लेकर आई है। धान की खेती की तैयारी कर रहे किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे धान की रोपनी में तेजी आएगी। किसानों को उम्मीद है कि इस वर्ष अच्छी बारिश से खेती को फायदा मिलेगा।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द टूटे बांध और बह चुकी सड़क की मरम्मत कराए, ताकि प्रभावित गांवों का संपर्क दोबारा बहाल हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

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