बिहार

बिहार में दर्दनाक हादसा: मिट्टी का टीला धंसने से 3 मासूम बच्चियों की मौत

Kavita2
4 Nov 2026 4:45 PM IST
बिहार में दर्दनाक हादसा: मिट्टी का टीला धंसने से 3 मासूम बच्चियों की मौत
x

किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले से बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। दिघलबैंक प्रखंड के हरुवाडांगा पंचायत अंतर्गत सुल्तानगंज गांव में मिट्टी का एक बड़ा टीला अचानक धंस गया। इस हादसे में मिट्टी के नीचे दबने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई। मृतकों में दो सगी बहनें और उनकी चचेरी बहन शामिल हैं। तीनों बच्चियां घर की लिपाई-पोताई के लिए मिट्टी लाने गई थीं, लेकिन कुछ ही पलों में यह सामान्य घरेलू काम एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना बुधवार दोपहर सुल्तानगंज गांव के वार्ड संख्या 10 में हुई। मृतक बच्चियों की पहचान नगमा प्रवीण (10 वर्ष), निशा प्रवीण (9 वर्ष) और रूबी खातून (8 वर्ष) के रूप में हुई है। नगमा और निशा दोनों सगी बहनें थीं। उनके पिता का नाम जमदेश आलम बताया गया है। वहीं, रूबी खातून फरियाद आलम की बेटी थी। जमदेश आलम और फरियाद आलम सगे भाई हैं। इस तरह हादसे में एक ही परिवार की तीन बच्चियों की जान चली गई।

स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चियां बुधवार को घर से कुछ दूरी पर स्थित एक मिट्टी के टीले के पास गई थीं। घर की लिपाई-पोताई के लिए उन्हें मिट्टी लानी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों और आंगन की लिपाई के लिए मिट्टी का उपयोग किया जाता है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए तीनों बच्चियां साथ में मिट्टी खोदने पहुंची थीं।

बताया जा रहा है कि बच्चियां टीले के निचले हिस्से से मिट्टी निकाल रही थीं। इसी दौरान अचानक ऊपर की मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि बच्चियों को संभलने या वहां से भागने का मौका तक नहीं मिला। भारी मात्रा में गिरी मिट्टी के नीचे तीनों दब गईं।

घटना के समय आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों को हादसे की जानकारी मिली तो वे तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। देखते ही देखते गांव के अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। बच्चियों को मिट्टी के नीचे दबा देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। सभी ने मिलकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मिट्टी हटाकर तीनों बच्चियों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एक साथ तीन बच्चियों की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जो लोग कुछ देर पहले तक अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, वे भी घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे।

सबसे अधिक दुखद स्थिति दोनों सगी बहनों के परिवार की रही। नगमा और निशा एक साथ घर से निकली थीं, लेकिन दोनों की मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। दूसरी ओर, उनकी चचेरी बहन रूबी की मौत से भी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ही परिवार की तीन बच्चियों को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हादसे के बाद सुल्तानगंज गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। मृतक बच्चियों के घर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदार और आसपास के लोग भी पहुंचने लगे। गांव के लोगों के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।

घटना की सूचना दिघलबैंक थाने की पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मिट्टी का टीला धंसने से यह हादसा हुआ। हालांकि, टीले के अचानक गिरने के पीछे की परिस्थितियों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी खोदते समय इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। खासकर किसी ऊंचे टीले या मिट्टी के ढेर के निचले हिस्से से लगातार खुदाई करने पर ऊपर की मिट्टी का सहारा कमजोर हो सकता है। ऐसी स्थिति में अचानक बड़ी मात्रा में मिट्टी नीचे गिरने की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की मजबूती उसकी नमी, बनावट और आसपास की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। यदि किसी टीले के आधार को अधिक खोद दिया जाए तो उसके ऊपरी हिस्से के धंसने का जोखिम हो सकता है। इसी कारण मिट्टी निकालने के दौरान सुरक्षित दूरी और उचित सावधानी बेहद जरूरी मानी जाती है।

बच्चों के लिए इस तरह के स्थान विशेष रूप से खतरनाक हो सकते हैं। उन्हें मिट्टी के ढेर के धंसने की आशंका का अंदाजा नहीं होता। ऐसे में अभिभावकों और ग्रामीणों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों को ऊंचे मिट्टी के टीलों, गहरी खुदाई और असुरक्षित गड्ढों के पास अकेले न जाने दें।

सुल्तानगंज की इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग के लिए मिट्टी निकालने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। छोटी-सी लापरवाही भी कभी-कभी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेष रूप से जिन स्थानों पर पहले से मिट्टी की खुदाई हो चुकी है, वहां दोबारा खुदाई करना जोखिम भरा हो सकता है।

फिलहाल तीन मासूम बच्चियों की असमय मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। घटना ने दो भाइयों के परिवारों को एक साथ गहरा आघात पहुंचाया है। गांव के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बच्चों की सुरक्षा और मिट्टी की खुदाई जैसे सामान्य दिखने वाले कार्यों में भी सावधानी बरतना कितना जरूरी है।

Next Story