
मुजफ्फरपुर : बिहार में चर्चित दिनेश हत्याकांड से जुड़े तीन आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। मंगलवार देर रात रीगा-परसौनी रोड पर पुलिस ने तीनों की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख आरोपी बाइक से भागने लगे और इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि दिनेश हत्याकांड में वांछित तीन आरोपी रीगा-परसौनी रोड के आसपास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपियों ने बाइक से भागने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा और आरोपियों को पकड़ने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत पर चिकित्सक नजर रख रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और कारतूस बरामद करने का दावा किया है। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल दिनेश हत्याकांड या किसी अन्य आपराधिक वारदात में किया गया था या नहीं।
तीनों आरोपी चर्चित दिनेश हत्याकांड में फरार चल रहे थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिनेश की हत्या 25 जुलाई 2026 को हुई थी और उसके बाद से पुलिस इस मामले से जुड़े आरोपियों की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को तीनों के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद देर रात कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ की खबर मिलते ही इलाके में पुलिस की अतिरिक्त टीम भी पहुंच गई। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने आरोपियों की बाइक, हथियारों और अन्य वस्तुओं को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिनेश हत्याकांड की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई थीं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। मंगलवार देर रात तीनों के एक स्थान पर मौजूद होने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया।
पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इलाज के बाद उनसे दिनेश हत्याकांड में उनकी भूमिका, हत्या के पीछे की वजह और अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा बरामद हथियार कहां से लाए गए और उन्हें किसने उपलब्ध कराया, इसकी भी जांच की जाएगी।
मुठभेड़ के बाद संबंधित इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की टीमें आसपास के क्षेत्रों में भी छापेमारी कर रही हैं। आशंका है कि इस मामले में कुछ अन्य लोग भी आरोपियों की मदद कर रहे होंगे। जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर सकती हैं।
दिनेश हत्याकांड पहले से ही स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ था। तीन आरोपियों के मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद अब पुलिस को उम्मीद है कि मामले से जुड़े कई और पहलुओं का खुलासा हो सकेगा। हालांकि पुलिस की ओर से आरोपियों से पूछताछ पूरी होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस पर हमला और अवैध हथियार रखने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। वहीं, बरामद हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की संभावना है।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की निगरानी में इलाजरत हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी हालत स्थिर होने के बाद आगे की पूछताछ की जाएगी। दिनेश हत्याकांड की जांच भी जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों तथा सहयोगियों की तलाश कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गंभीर आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की तलाश जारी रहेगी और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को दिनेश हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।





