
झाझा। झाझा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहजाना स्थित डाक बंगला के पास चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात चोरों ने इंद्रदेव साव के बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और गोदरेज तथा बक्से को खंगालते हुए करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों के साथ हजारों रुपये नकद लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत के साथ रात्रि गश्ती व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।
चोरी की यह घटना झाझा थाने से महज करीब एक किलोमीटर की परिधि में हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना नजदीक होने के बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर बंद मकान को निशाना बनाया। घटना सामने आने के बाद आसपास के लोगों में अपने घरों और सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पीड़िता आशा देवी ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर में रहती हैं। बीते 22 सितंबर को उनके भाई का श्राद्ध कर्म था। इसमें शामिल होने के लिए वह पूरे परिवार के साथ अपने मायके आसनसोल, पश्चिम बंगाल गई हुई थीं। परिवार के सभी सदस्यों के बाहर होने के कारण मकान बंद था। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने घर को निशाना बनाया।
शनिवार की सुबह जब आशा देवी परिवार के साथ वापस घर पहुंचीं तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर प्रवेश करने पर सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ था। कमरे में रखे गोदरेज और बक्से को भी चोरों ने खंगाल दिया था। इसके बाद परिवार ने घर में रखे कीमती सामान की जांच की तो सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिली।
पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी हुए सोने और चांदी के आभूषणों की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है। इसके अलावा घर में रखे हजारों रुपये नकद भी चोर अपने साथ ले गए। घर की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि चोरों ने कीमती सामान की तलाश में कमरे और अलमारियों को अच्छी तरह खंगाला था। वारदात के दौरान घर में किसी सदस्य के मौजूद नहीं होने के कारण चोरों को सामान तलाशने का पर्याप्त मौका मिल गया।
घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। सूने मकान में चोरी की वारदात और थाना क्षेत्र के नजदीक घटना होने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई। लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस की गश्ती व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय नागरिकों में सबसे अधिक नाराजगी इस बात को लेकर है कि वारदात थाना क्षेत्र से ज्यादा दूर नहीं हुई। लोगों का कहना है कि अगर मुख्य इलाकों और आवासीय क्षेत्रों में नियमित रूप से रात्रि गश्त होती रहे तो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि परिवार के आसनसोल जाने के बाद मकान पूरी तरह बंद था। चोरों को घर के बंद होने की जानकारी कैसे मिली और वारदात को कब अंजाम दिया गया, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवार 22 सितंबर को घर से गया था और शनिवार सुबह वापस लौटा। इसी अवधि के दौरान चोरों ने मकान में सेंध लगाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
घर में घुसने के लिए चोरों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर रखे गोदरेज और बक्से तक पहुंचे। घर में रखे सामान को खंगालने के बाद चोर जेवर और नकदी लेकर निकल गए। परिवार के वापस लौटने तक घटना की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। सुबह परिवार के पहुंचने पर चोरी का पता चला।
इस वारदात ने एक बार फिर बंद और सूने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। त्योहार, पारिवारिक कार्यक्रम या अन्य कारणों से परिवार के कई दिनों तक बाहर रहने के दौरान बंद मकान चोरों के निशाने पर आ सकते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निगरानी और रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाए जाने की मांग तेज हो गई है।
पीड़ित परिवार के लिए यह घटना बड़ा झटका है। भाई के श्राद्ध कर्म में शामिल होकर वापस लौटी आशा देवी को घर पहुंचते ही चोरी की जानकारी मिली। घर में सुरक्षित रखे आभूषण और नकदी गायब मिलने से परिवार परेशान है। करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवर के अलावा नकदी चोरी होने से आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस से चोरी की वारदात में शामिल आरोपियों का पता लगाने और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही रात के समय संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।
सोहजाना स्थित डाक बंगला के पास हुई इस चोरी के बाद आसपास के लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि चोरों का इस तरह बंद मकान का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम देना चिंता का विषय है। अब स्थानीय नागरिकों की नजर इस बात पर है कि चोरी की इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और रात्रि गश्ती व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।





