बिहार
साईं और आनंद धाम मंदिर चोरीकांड का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 10:17 PM IST

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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मंदिरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी कर गिरोह के चार संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। इनके कब्जे से मंदिर से चोरी गया छत्र और करीब 300 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद होने की बात सामने आई है। इस कार्रवाई को धार्मिक स्थलों पर हुई चोरी की घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य वारदातों से उनके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।
मोतिहारी में हाल के दिनों में मंदिरों से कीमती धार्मिक वस्तुओं की चोरी की घटनाओं ने श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी थी। विशेष रूप से साईं बाबा मंदिर में हुई चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की थी।
मंदिरों को निशाना बना रहा था गिरोह
सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्धों पर धार्मिक स्थलों से चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी करने का आरोप है। पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने कितने मंदिरों में चोरी की और इन घटनाओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही।मंदिरों में रखे चांदी के मुकुट, छत्र और अन्य आभूषण धार्मिक महत्व के साथ आर्थिक दृष्टि से भी कीमती होते हैं। ऐसे में इन वस्तुओं की चोरी से मंदिर प्रबंधन को आर्थिक नुकसान पहुंचने के अलावा श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं।पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि चोरी के बाद आभूषणों को कहां ले जाया जाता था और उन्हें बेचने या गलाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
साईं बाबा मंदिर में हुई थी बड़ी चोरी
मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र स्थित मिस्कॉट मोहल्ले के साईं बाबा मंदिर में 20 अक्टूबर की देर रात चोरी की घटना सामने आई थी।रिपोर्टों के अनुसार, चोर मंदिर के मुख्य दरवाजे का ताला काटकर भीतर दाखिल हुए थे। मंदिर से भगवान गणेश का चांदी का मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई थी। कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में साईं बाबा के चांदी के छत्र की चोरी का भी उल्लेख किया गया था।चोरी के दौरान मंदिर का पुजारी परिसर में ही सो रहा था, लेकिन उसे वारदात की जानकारी नहीं हो सकी।सुबह चोरी का पता चलने के बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी।
सीसीटीवी कैमरा खराब होने से जांच में आई परेशानी
साईं बाबा मंदिर में हुई चोरी की जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई थी।जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में लगा सीसीटीवी कैमरा करीब डेढ़ महीने से खराब था। इसके कारण घटना के समय मंदिर में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां रिकॉर्ड नहीं हो सकीं।पुलिस ने आसपास के घरों और प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू की थी।इसके अलावा घटनास्थल से ताला काटने में इस्तेमाल किया गया एक औजार भी बरामद किया गया था। इसे जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया।
एसपी ने गश्ती दल पर की थी कार्रवाई
मंदिर चोरी की घटना सामने आने के बाद पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लिया था।रात्रि गश्त में कथित लापरवाही को देखते हुए संबंधित पुलिस गश्ती दल और बाइक गश्ती पार्टी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई थी।इसके साथ ही चोरी की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी बुलाया गया था।पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया था।
चोरी के आभूषण गलाकर साक्ष्य मिटाने की आशंका
मंदिरों से चोरी किए गए चांदी के आभूषणों को गलाकर उनकी मूल पहचान समाप्त करने की आशंका भी इस मामले में महत्वपूर्ण जांच का विषय है।यदि किसी धार्मिक वस्तु को गलाकर साधारण धातु के रूप में बदल दिया जाता है, तो उसके मूल स्वरूप और स्वामित्व की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।हालांकि, गिरफ्तार चारों संदिग्धों ने आभूषणों को गलाने का काम स्वयं किया था या किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।पुलिस के लिए यह पता लगाना भी आवश्यक होगा कि चोरी के सामान की खरीद-बिक्री में कोई सराफा कारोबारी या अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
बरामद सामान की पहचान कराना जरूरी
इस मामले में मंदिर का छत्र और लगभग 300 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद होने की जानकारी सामने आई है।बरामद सामान की पहचान मंदिर प्रबंधन द्वारा किए गए विवरण और चोरी के संबंध में दर्ज शिकायतों के आधार पर कराई जा सकती है।जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि बरामद छत्र किस मंदिर का है और क्या सभी आभूषण एक ही घटना से संबंधित हैं या अलग-अलग चोरी की वारदातों से जुड़े हुए हैं।इस संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
अन्य चोरी की घटनाओं से संबंध की पड़ताल
गिरोह के चार संदिग्ध सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अन्य मंदिर चोरी की घटनाओं का खुलासा करने की संभावना भी बनी है।पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित संपर्कों की जांच कर सकती है। यदि अन्य मामलों से संबंध मिलता है, तो जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।हालांकि, गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ कितने पुराने मामले दर्ज हैं और क्या वे किसी अंतरजिला गिरोह से जुड़े हुए हैं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
मोतिहारी में मंदिर चोरी की घटनाओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।मंदिरों में रखी कीमती वस्तुओं की सुरक्षा के लिए कार्यरत सीसीटीवी कैमरे, मजबूत ताले, पर्याप्त रोशनी और नियमित निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है।विशेष रूप से रात्रि के समय सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने पर चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।साईं बाबा मंदिर में सीसीटीवी कैमरा खराब मिलने की घटना से यह स्पष्ट हुआ कि सुरक्षा उपकरणों का नियमित रखरखाव भी जरूरी है।
पुलिस के विस्तृत खुलासे का इंतजार
मंदिर चोरीकांड में चार संदिग्धों की गिरफ्तारी और चांदी के आभूषणों की बरामदगी को लेकर सामने आई जानकारी के बाद अब पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।इससे आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी का स्थान, बरामद सामान का विवरण और अन्य वारदातों से संभावित संबंध स्पष्ट हो सकेंगे।
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