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वैज्ञानिक जांच से सामने आई पूरी कहानी
ब्रह्मपुर : बिहार के बक्सर में एक 20 महीने पुराने रहस्यमयी मामले का खुलासा मोबाइल फोन, नरकंकाल और डीएनए जांच की मदद से हुआ। लंबे समय से लापता रेलकर्मी की पहचान होने के बाद परिवार को आखिरकार सच्चाई का पता चला। इसके बाद पिता ने अपने बेटे का श्राद्ध कर्म किया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को मिले कुछ अहम सुरागों ने इस अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने में मदद की। इसमें मोबाइल रिकॉर्ड और डीएनए रिपोर्ट की अहम भूमिका रही।
मोबाइल से मिला पहला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने लापता रेलकर्मी के मोबाइल फोन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। कॉल डिटेल और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
मोबाइल से मिले सुरागों ने पुलिस को उस स्थान तक पहुंचने में मदद की, जहां बाद में नरकंकाल बरामद हुआ।
नरकंकाल की डीएनए जांच से हुई पहचान
पुलिस ने बरामद नरकंकाल की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद यह पुष्टि हुई कि वह लापता रेलकर्मी के अवशेष थे।
डीएनए रिपोर्ट ने परिवार की आशंकाओं को सच साबित कर दिया और करीब डेढ़ साल से अधिक समय से चले आ रहे इंतजार का अंत हुआ।
पिता ने किया अंतिम संस्कार और श्राद्ध
बेटे की मौत की पुष्टि होने के बाद पिता ने विधि-विधान से उसका श्राद्ध कर्म किया। लंबे समय तक बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था।
परिजनों ने बताया कि इतने लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें बेटे की अंतिम विदाई देने का मौका मिला।
पुलिस जांच में जुटी कई कड़ियां
मामले की जांच में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रेलकर्मी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई साजिश थी या नहीं।
मोबाइल, वैज्ञानिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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