बिहार

धान की रोपनी रुकने से किसानों की चिंता बढ़ी

Saba Naaz
5 July 2026 5:10 PM IST
धान की रोपनी रुकने से किसानों की चिंता बढ़ी
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बिहार: धान के कटोरे के रूप में पहचाने जाने वाले रोहतास जिले में इस बार कमजोर मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आषाढ़ का पहला पखवारा बीत जाने के बावजूद जिले में धान की रोपनी लगभग ठप पड़ी हुई है। कृषि विभाग की 3 जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार रोहतास उन 24 जिलों में शामिल है, जहां अब तक एक प्रतिशत क्षेत्र में भी धान की रोपनी नहीं हो सकी है।

आमतौर पर इस समय तक जिले में लगभग 40 प्रतिशत तक धान की रोपनी पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार बारिश की भारी कमी के कारण खेत सूखे पड़े हैं। किसानों ने समय पर धान का बिचड़ा तैयार कर लिया है, लेकिन खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से रोपनी शुरू नहीं हो पा रही है।

शिवसागर, करगहर, चेनारी, नोखा, कोचस, दिनारा, तिलौथू, बिक्रमगंज, अकोढ़ीगोला, नासरीगंज, संझौली और सूर्यपुरा जैसे प्रखंडों में किसान धान की खेती के लिए तैयार हैं, लेकिन बारिश न होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिन किसानों के पास निजी सिंचाई व्यवस्था है, वे डीजल पंप के सहारे सीमित क्षेत्र में रोपनी कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष इसी अवधि में रोपनी का काम तेजी से चल रहा था, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं। खेत तैयार हैं, बिचड़ा भी तैयार है, लेकिन पानी की कमी सबसे बड़ी समस्या बन गई है। इससे खेती की लागत बढ़ने और उत्पादन घटने की आशंका भी बढ़ गई है।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे बिहार में अब तक केवल चार प्रतिशत धान की रोपनी हो सकी है और सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है।

फिलहाल रोहतास के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और मानसून की सक्रियता का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर बारिश ही इस खरीफ सीजन की खेती को बचा सकती है।

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