
मुजफ्फरपुर : बिहार में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुजफ्फरपुर जिले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी किराना दुकान की आड़ में चुपचाप मादक पदार्थों की तस्करी का काम कर रहा था। संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके पास से चार किलोग्राम चरस बरामद की है।
बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, बिहार STF की विशेष टीम को मुजफ्फरपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर STF और जिले की औराई थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
पुलिस टीम ने संदिग्ध स्थान पर छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान उसके पास से बड़ी मात्रा में चरस बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल हो सकता है।
आरोपी की पहचान मुन्नू कुमार के रूप में हुई
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुन्नू कुमार उर्फ मुन्नू साह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किराना दुकान चलाने की आड़ में नशे के कारोबार को अंजाम दे रहा था।
पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह चरस कहां से लाता था और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई करता था।
किराना दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सामान्य किराना दुकान की गतिविधियों के पीछे मादक पदार्थों का कारोबार संचालित कर रहा था। बाहर से देखने पर दुकान सामान्य लगती थी, लेकिन कथित तौर पर इसके जरिए नशे का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अक्सर अपने अवैध काम को छिपाने के लिए ऐसे तरीके अपनाते हैं, जिससे किसी को शक न हो। इसी तरह की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
10 लाख रुपये की चरस बरामद
STF की टीम ने आरोपी के पास से चार किलो चरस जब्त की है। पुलिस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये है।
मादक पदार्थ की इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप का संबंध किसी बड़े तस्करी गिरोह से तो नहीं है।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में तस्करी से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं।
नशे के खिलाफ अभियान जारी
बिहार पुलिस और STF लगातार मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है। राज्य में नशे के कारोबार को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत मुजफ्फरपुर में यह बड़ी सफलता मिली है।
आपराधिक इतिहास की जांच शुरू
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है या नहीं।
इसके अलावा पुलिस आरोपी के संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
STF अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य केवल एक तस्कर को पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
मुजफ्फरपुर में हुई इस कार्रवाई को नशे के कारोबार पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है। किराना दुकान की आड़ में चल रहे इस अवैध धंधे का खुलासा होने से पुलिस को तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।





