
पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बुधवार को पुलिस थाने से रिहा किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पटना में मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए तेजस्वी यादव ने रिहाई के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वह इस मामले पर तब तक कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे, जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इसकी जिम्मेदारी नहीं लेते। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए निकले लोगों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसका जवाब सरकार को देना होगा।
दरअसल, बुधवार को तेजस्वी यादव पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ कई मुद्दों को लेकर मार्च निकाल रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और बाद में हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें थाने ले जाया गया, जहां कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह पूरे मामले की जिम्मेदारी लें और स्पष्ट करें कि इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई।
तेजस्वी यादव की हिरासत के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिली। पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
वहीं, सरकार की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नियमानुसार कदम उठाए हैं।
तेजस्वी यादव के समर्थकों का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को सुनने के बजाय कार्रवाई का रास्ता अपना रही है।
बिहार की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर उठाया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में विधानसभा सत्र और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच यह घटनाक्रम विपक्ष और सरकार के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।
तेजस्वी यादव लगातार बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था और अन्य जन मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला करते रहे हैं। बुधवार की घटना के बाद उन्होंने एक बार फिर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
RJD नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याओं को उठाती रहेगी और सरकार की नीतियों का विरोध जारी रखेगी। वहीं, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल तेजस्वी यादव की रिहाई के बाद यह मामला बिहार की राजनीति में एक नया मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर बहस तेज होने की संभावना है।





