
मुंबई/पटना। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर देशभर में चर्चाओं का दौर जारी है। इस मामले में राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को पकड़े जाने के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अभिनेता पर हुए हमले की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुंबई में लगातार सामने आ रही ऐसी आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताई और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की। उधर, मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश और संभावित आपराधिक गिरोहों से संबंधों का पता लगाने में जुटी हैं।
तेजस्वी यादव ने हमले को लेकर जताई चिंता
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कहा, "जो भी लोग हैं, उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सजा मिलनी चाहिए। मुंबई में लगातार ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं, जो कि ठीक नहीं हैं। प्रशासन और गृह मंत्रालय को इसपर ध्यान देना चाहिए।"
उनके इस बयान के बाद अभिनेता की सुरक्षा और मुंबई की कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रविवार शाम टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, रविवार 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी।
बताया जा रहा है कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी की ओर गोलियां चलाईं।
घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर सहित दो लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीन संदिग्ध
मुंबई पुलिस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सोमवार, 19 अक्टूबर को तीन संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया।
कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के अनुसार, आरोपियों को पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे से पकड़ा गया।
इस कार्रवाई में राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस को संदिग्धों की यात्रा के बारे में पहले से सूचना मिल गई थी।
ट्रेन के स्टेशन पहुंचने के बाद लगभग 15 मिनट तक चले अभियान में तीनों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
हरियाणा और बिहार से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान और बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन शामिल हैं।
तीसरा संदिग्ध नाबालिग बताया गया है। ऋतिक मुंबई में बाइक टैक्सी चालक के रूप में काम करता था।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों ने घटना को किसके कहने पर अंजाम दिया और उन्हें आर्थिक या अन्य सहायता किसने उपलब्ध कराई।
पुलिस संदिग्धों की आपसी बातचीत और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।
नेपाल भागने की तैयारी में थे संदिग्ध
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी घटना के बाद मुंबई से भाग निकले थे। उन्होंने पुलिस से बचने के लिए यात्रा के दौरान अलग-अलग परिवहन साधनों का इस्तेमाल किया।
बताया जा रहा है कि संदिग्ध मुंबई से सूरत पहुंचे और वहां से ट्रेन में सवार हुए। उनका अगला पड़ाव जयपुर और दिल्ली होने की संभावना थी।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी दिल्ली के रास्ते नेपाल पहुंचकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे।
हालांकि पुलिस ने उनके यात्रा मार्ग से जुड़े सुराग जुटाकर कोटा में ही उन्हें पकड़ लिया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच के लिए कई टीमों का गठन किया था। हमलावरों के भागने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को अंधेरी इलाके में संदिग्धों की मोटरसाइकिल से जुड़ा सुराग मिला। इसके बाद उनकी गतिविधियों और यात्रा के रास्ते का पता लगाया गया।
सूरत रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से मिले वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान तथा उनकी यात्रा की जानकारी जुटाई।
इन्हीं सूचनाओं के आधार पर राजस्थान पुलिस को सतर्क किया गया और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया।
गैंग कनेक्शन की भी जांच कर रही पुलिस
टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के पीछे किसी संगठित आपराधिक गिरोह की भूमिका होने की आशंका भी जताई जा रही है।
कुछ रिपोर्टों में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संभावित संबंध का दावा किया गया है। हालांकि जांच एजेंसियां इस पहलू की पुष्टि करने में जुटी हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले का उद्देश्य अभिनेता को डराना था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।
इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। फिलहाल हमले के मकसद को लेकर जांच जारी है।
बॉलीवुड की हस्तियों ने भी की हमले की निंदा
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना की फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने निंदा की है।
अभिनेता रणवीर शौरी और फिल्म निर्देशक राहुल ढोलकिया सहित कई हस्तियों ने इस घटना पर चिंता जताई है।
फिल्मी सितारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सार्वजनिक स्थान पर अभिनेता को निशाना बनाए जाने से मनोरंजन जगत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
आरोपियों से पूछताछ के बाद खुल सकते हैं राज
कोटा की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस आरोपियों को आगे की जांच के लिए मुंबई ले जाने की प्रक्रिया में जुटी है।
मंगलवार सुबह सामने आई जानकारी के अनुसार, सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण आरोपियों को रात में मुंबई ले जाने की कार्रवाई स्थगित की गई थी।
अब पुलिस की प्राथमिकता हमले की पूरी योजना, हथियारों की व्यवस्था, संभावित सहयोगियों और इसके पीछे के मकसद का पता लगाना है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में तीन संदिग्धों के पकड़े जाने से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है। वहीं तेजस्वी यादव की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में भी आ गया है।
फिलहाल सभी की नजर मुंबई पुलिस की आगे की जांच पर है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अभिनेता पर हमले की साजिश किसने रची और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।





