
पटना। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने इस कार्रवाई को आरएसएस की गुंडागर्दी करार दिया और प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित मारपीट को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए संघ को महिला विरोधी बताया और पूछा कि इस घटना पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत क्या कहेंगे।
तेजस्वी यादव की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सहयोग से महिलाओं के साथ मारपीट की गई। उनके बयान का केंद्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई और उसमें महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार रहा। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
तेजस्वी यादव ने एक्स पर क्या लिखा?
तेजस्वी यादव ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, “पूरा देश RSS की गुंडागर्दी देख रहा है। अंग्रेजों के सामने जिनकी पेंट गीली हो जाती थी वो RSS के गुंडे पुलिस के सहयोग से अब सरेआम हमारी बहन बेटियों को पीट रहे है।”
अपने इस बयान के जरिए तेजस्वी यादव ने आरएसएस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए संगठन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के लोग महिला विरोधी रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में महिलाओं के साथ कथित मारपीट और इस कार्रवाई को लेकर मोहन भागवत क्या कहेंगे। उनके इस बयान को केंद्र सरकार और आरएसएस के खिलाफ विपक्ष के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। इसी कार्रवाई के विरोध में तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के साथ मारपीट की गई और इस घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शन का पूरा घटनाक्रम, पुलिस कार्रवाई की वजह और संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष शामिल नहीं है। ऐसे में तेजस्वी यादव के आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। घटना के दौरान क्या हुआ और कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई, इसकी स्थिति संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका और महिलाओं के साथ कथित व्यवहार जैसे मुद्दे सार्वजनिक बहस का विषय बन सकते हैं। ऐसे मामलों में घटना के सभी पहलुओं की जानकारी सामने आना जरूरी होता है, ताकि आरोपों और तथ्यों के बीच अंतर स्पष्ट किया जा सके।
आरएसएस को महिला विरोधी बताकर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में आरएसएस को महिला विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बहन-बेटियों के साथ कथित मारपीट और इस तरह की कार्रवाई पर संगठन के प्रमुख को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मोहन भागवत से सवाल करते हुए इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में रखा।
उनका बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने इस मामले को केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आरएसएस पर भी आरोप लगाए। इससे यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बन गया है।
हालांकि, आरएसएस या मोहन भागवत की ओर से इस विशेष बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं है। इसलिए इस मामले में संगठन का पक्ष सामने आने के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
केंद्र सरकार पर विपक्ष का हमला
तेजस्वी यादव ने प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उनके बयान में पुलिस की कार्रवाई और आरएसएस की कथित भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ कथित मारपीट को आधार बनाकर सरकार और संगठन से जवाब मांगा।
विपक्षी नेताओं की ओर से इस तरह की घटनाओं पर सवाल उठाए जाने के बीच अब संबंधित पक्षों के जवाब और घटना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। पुलिस कार्रवाई के कारणों, प्रदर्शन की परिस्थितियों और कथित दुर्व्यवहार से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, तेजस्वी यादव का बयान दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद को और तेज करने वाला है। उन्होंने आरएसएस को निशाने पर लेते हुए मोहन भागवत से सवाल किया है। अब इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और घटना से जुड़े तथ्यों पर निगाह रहेगी।





