
Bihar बिहार: मधवापुर क्षेत्र में बॉर्डर के कई रास्तों पर एसएसबी द्वारा बैरिकेटिंग लगाए जाने के बाद उत्पन्न हुए विवाद को लेकर शुक्रवार की शाम मधवापुर एसएसबी कैंप में एसएसबी और ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण वार्ता बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लगभग ढाई घंटे तक चली, लेकिन किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
यह विवाद गुरुवार की देर शाम उस समय शुरू हुआ जब एसएसबी द्वारा सीमा क्षेत्र के कई मार्गों पर बैरिकेटिंग की गई। इस कदम का ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच असंतोष की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरिकेडिंग से उनके दैनिक आवागमन और जरूरी कार्यों पर असर पड़ रहा है।
स्थिति को शांत करने और समाधान निकालने के उद्देश्य से शुक्रवार की शाम एसएसबी कैंप में वार्ता बुलाई गई। इस बैठक में एसएसबी और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बातचीत का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को समझना और सीमा सुरक्षा तथा आवागमन के बीच संतुलन बनाना था।
वार्ता में 48वीं बटालियन के कमांडेंट राजेंद्र कुमार, डिप्टी कमांडेंट हरि नारायण जाट, बेनीपट्टी के एसडीएम सारंग पानी पांडेय, डीएसपी अमित कुमार, बीडीओ मनोज कुमार मुर्मू, सीओ सुनील कुमार और थानाध्यक्ष सन्नी कुमार मौसम सहित कई अधिकारी शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बातों को सुना और समाधान के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की।
ग्रामीणों ने बैठक के दौरान अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि बैरिकेडिंग के कारण उन्हें खेतों, बाजार और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। वहीं, एसएसबी अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अपने कदम को जरूरी बताया।
करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। अधिकारियों ने कहा कि मामले को लेकर आगे भी बातचीत जारी रहेगी और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिया कि सुरक्षा और स्थानीय लोगों की सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए कोई बीच का रास्ता खोजने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी। एसएसबी और प्रशासन दोनों ही इस विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने के पक्ष में हैं।





