बिहार

विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का शक

Saba Naaz
27 Jun 2026 5:38 PM IST
विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का शक
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सीवान (मैरवा): बिहार के सीवान जिले से एक गंभीर पासपोर्ट फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चार पासपोर्ट धारकों पर कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाने, गलत जानकारी देने और पासपोर्ट सत्यापन (Verification) प्रक्रिया के दौरान तथ्यों को दबाकर दो-दो पासपोर्ट बनवाने का संगीन आरोप लगा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मैरवा थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में एक औपचारिक आवेदन देकर चारों आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, थानाध्यक्ष के बयान के आधार पर मैरवा थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

पासपोर्ट जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब पटना स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO Patna) और सीवान पुलिस अधीक्षक (SP सीवान) के कार्यालय से प्राप्त पत्रों के आधार पर संदिग्धों के दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। जांच के दौरान कई चौंकाने वाली और गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने अपने पुराने और पहले से सक्रिय पासपोर्ट की जानकारी को जानबूझकर छिपाया। कुछ आरोपियों ने तो दूसरा पासपोर्ट हासिल करने के लिए अपने नाम और पहचान संबंधी अन्य महत्वपूर्ण विवरणों में भी हेरफेर कर दिया।

नाम बदलकर और तथ्य छिपाकर दूसरा पासपोर्ट हासिल करने वाले आरोपी

मैरवा थाना पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर चारों आरोपियों और उन पर लगे आरोपों का विवरण साझा किया है:

राजा कुमार चौहान (निवासी: इंग्लिश नोनिया टोला): इन पर आरोप है कि इन्होंने पहले से जारी एक पासपोर्ट होने के बावजूद, अपना नाम बदलकर 'राज कुमार चौहान' के नाम से पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) के लिए दोबारा आवेदन कर दिया।

भीम राम (निवासी: तितरा): इन पर आरोप है कि इन्होंने अपने पहले पासपोर्ट की जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा और नियमों को ताक पर रखकर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया।

जितेंद्र कुशवाहा (निवासी: छोटका मांझा) और राजा आलम (निवासी: इंग्लिश): इन दोनों आरोपियों पर भी अपनी पहचान के अलग-अलग विवरण (डिटेल्स) देकर अवैध रूप से दूसरा पासपोर्ट हासिल करने का गंभीर आरोप है।

पासपोर्ट अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग

मैरवा थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने सीजेएम (CJM) अदालत को सौंपे गए अपने आवेदन में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियां न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि यह पासपोर्ट जारी करने की पूरी सरकारी प्रशासनिक प्रक्रिया को भी दूषित करती हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से बनाए गए ऐसे दस्तावेजों के कारण विदेशों में भी भारत की साख और छवि पर प्रतिकूल (बुरा) असर पड़ सकता है। इसलिए, उन्होंने अदालत से चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ 'पासपोर्ट अधिनियम' (Passport Act) तथा भारतीय न्याय संहिता की अन्य सुसंगत और कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच में जुटी पुलिस

थानाध्यक्ष ने बताया कि अदालत में आवेदन देने के साथ ही मैरवा थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इन आरोपियों को फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन स्थानीय साइबर कैफे या दलालों ने मदद की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब अदालत के आगामी निर्देशों और पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर इन आरोपियों के खिलाफ आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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