बिहार

आईआईटी एडवांस में सफल मॉडर्न के छात्रों को किया गया पुरस्कृत

Shantanu Roy
13 Sep 2022 5:40 PM GMT
आईआईटी एडवांस में सफल मॉडर्न के छात्रों को किया गया पुरस्कृत
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नवादा। कहते हैं, जब परिस्थितियां विपरीत हो तो कठिन संघर्ष करके सफलता का सूरज और अधिक चमक उठता है। इस कथन को सत्य कर दिखाया मॉडर्न इंगलिश स्कूल, नवादा के दो होनहार छात्रों शुभम सौरभ और कृष् मुकेश ने। 11 सितंबर 2022, रविवार को आईआईटी-जेईई एडवांस के रिजल्ट घोषित किए गए और उसमें सफलता प्राप्त होते ही मॉडर्न के सितारों शुभम सौरभ और कृष् मुकेश के परिजनों से लेकर शिक्षकों तक में खुशियों की लहर दौड़ गयी। अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विद्यालय, शिक्षकों एवं माता-पिता को गौरवान्वित करने वाले इन दोनों छात्रों ने नवादा की धरती पर नया इतिहास रच दिया। इनकी सफलता के सम्मान में मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, कुंतीनगर के बहुद्देश्यीय सभागार में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज कुमार के द्वारा सैकड़ों विद्यार्थियों एवं दसवीं तथा बारहवीं के शिक्षकों के बीच उन्हें उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के आरंभ में डॉ. अनुज कुमार ने मिठाई खिलाकर दोनों को सफलता के लिए बधाई दिया। इसके बाद उन्होंने शुभम सौरभ और कृष् मुकेश को विद्यालय-परिवार की ओर से एक-एक लैपटॉप भेंट करके उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में आर्थिक एवं भावनात्मक बाधाओं से जूझकर भी इन दोनों होनहार बच्चों ने देश की सबसे सम्मानित परीक्षा में सफलता हासिल की है। इन्होंने मॉडर्न स्कूल में स्कॉलरशिप के 12वीं की पढ़ाई की और यहीं के बेस्ट फैकल्टीज के मार्गदर्शन में तैयारी करके यह मुकाम हासिल किया है। इनकी सफलता मॉडर्न स्कूल की उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था की परिचायक है। इन्होंने साबित कर दिया है कि मेडिकल और आईआईटी की परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा, पटना जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसके लिए मॉडर्न की पढ़ाई और स्वाध्याय ही काफी है। जिन्हें यह लगता है कि नवादा में रहकर वे आईआईटी या मेडिकल में सफल नहीं हो सकते हैं, उनके लिए ये दोनों सफल सितारे जीती-जागती मिसाल हैं।
विद्यालय के प्राचार्य गोपालचरण दास ने शुभम सौरभ एवं कृष्णा मुकेश को बधाई देते हुए कहा कि ये दोनों छात्र प्रारम्भ से ही अत्यंत कुशाग्रबुद्धि थे। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बाद भी शुभम सौरभ ने कभी हार नहीं मानी और बारहवीं कक्षा में कृष् मुकेश के पिताजी के असामयिक निधन के बाद भी उसने अपना हौसला नहीं खोया। विद्यालय ने भी कदम-कदम पर इनका साथ देकर अपना कर्तव्य निभाया। इन्होंने अपने लग्न एवं परिश्रम से अपना सपना सच कर दिखाया। समस्त विद्यालय परिवार की ओर से मैं इनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। इस अवसर पर शुभम सौरभ ने कहा कि मेरी सफलता के पीछे सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति यदि कोई है तो वह हमारे आदरणीय डायरेक्टर सर हैं । मेरे पिताजी एक सामान्य ड्राइवर हैं जो मॉडर्न की फीस भरने में सक्षम नहीं थे। परंतु डायरेक्टर सर ने मुझे कभी किसी प्रकार की आर्थिक कमी महसूस होने नहीं दिया। इनके सतत सहयोग तथा विद्यालय के विद्वान शिक्षक गणों के मार्गदर्शन के कारण मैं यह मुकाम हासिल कर पाया हूं ।
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