बिहार

बिहार में फर्जी आदेशों से छेड़छाड़ पर सख्ती, RCMS पोर्टल मिलान अनिवार्य करने का निर्देश

Kavita2
18 Jun 2026 11:30 AM IST
बिहार में फर्जी आदेशों से छेड़छाड़ पर सख्ती, RCMS पोर्टल मिलान अनिवार्य करने का निर्देश
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Bihar बिहार: अंचल कार्यालयों में सरकारी आदेशों के साथ छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काम कराने के गंभीर मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कई स्थानों पर डीसीएलआर (डिप्टी कलेक्टर लॉ एंड रेवेन्यू) या अपर समाहर्ता के आदेशों में बदलाव कर उन्हें गलत तरीके से इस्तेमाल करने की घटनाएं उजागर हुई हैं।

जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में फर्जी आदेश तैयार कर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड भी किया गया और उसी के आधार पर अंचल कार्यालयों में कार्य कराया गया। इस तरह की गड़बड़ियों से सरकारी भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताओं की आशंका पैदा हो गई है।

पूर्वी चंपारण जिले में इस तरह का मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में प्रशासन सतर्क हो गया है। यह मामला सामने आने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।

विभाग की ओर से उपनिदेशक मोना झा ने इस संबंध में सभी अपर समाहर्ता, डीसीएलआर और अंचल अधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि उच्चतर राजस्व न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन के दौरान राजस्व न्यायालय प्रकरण प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) पोर्टल से हर आदेश का अनिवार्य रूप से मिलान किया जाए।

आरसीएमएस (राजस्व न्यायालय प्रकरण प्रबंधन प्रणाली) पोर्टल को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सभी आधिकारिक आदेश और केस की स्थिति डिजिटल रूप में दर्ज रहती है। ऐसे में किसी भी फर्जी या बदले हुए आदेश की पहचान आसानी से की जा सकती है।

विभाग का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों के भूमि संबंधी मामलों में भी गलत फैसले होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सभी स्तरों पर डिजिटल सत्यापन को अनिवार्य किया गया है।

पूर्वी चंपारण में पकड़े गए मामले के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि अन्य जिलों में भी इस तरह की गड़बड़ियां हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है।

प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी आदेश को लागू करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पूरी तरह जांच की जाए और केवल आरसीएमएस पोर्टल पर सत्यापित आदेशों के आधार पर ही कार्रवाई की जाए।

इस कदम को राज्य में राजस्व प्रशासन को पारदर्शी और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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