
बांका। बिहार के बांका जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में उसका छोटा भाई भी बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना अमरपुर प्रखंड क्षेत्र की सलेमपुर पंचायत के विष्मभरचक गांव की है। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अनुज कुमार राय के रूप में हुई है। अनुज मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया जा रहा है कि घर के बरामदे में बनी सीढ़ी पर बिजली का करंट उतर आया था। जैसे ही अनुज सीढ़ी के संपर्क में आया, उसे जोरदार झटका लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। बड़े भाई को गिरता देख छोटा भाई रितेश उसे बचाने दौड़ा, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। परिवार के लोग दोनों को तत्काल अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने अनुज को मृत घोषित कर दिया। रितेश का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को विष्मभरचक गांव में अनुज कुमार राय अपने घर में मौजूद था। वह बरामदे में बनी सीढ़ी से छत पर स्थित कमरे की ओर जा रहा था। इसी दौरान सीढ़ी पर अचानक बिजली का करंट फैल जाने से वह उसकी चपेट में आ गया।
करंट का झटका लगते ही अनुज सीढ़ी पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार के सदस्यों को संभलने का मौका नहीं मिला। अनुज को गिरा देखकर उसका छोटा भाई रितेश तुरंत मदद के लिए दौड़ा।
रितेश ने बड़े भाई को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि सीढ़ी में बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है। जैसे ही वह भाई के पास पहुंचा, उसे भी जोरदार करंट लगा और वह अचेत होकर गिर पड़ा।
दोनों भाइयों के साथ हुई इस घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों भाइयों को बचाने का प्रयास शुरू किया।
मृतक के चाचा विकास राय ने बताया कि घर की सीढ़ी के पास से बिजली का खुला तार गुजर रहा था। इसी तार के संपर्क में आने से सीढ़ी में करंट प्रवाहित होने की आशंका है। अनुज जब सीढ़ी से होकर ऊपर जा रहा था, तभी वह करंट की चपेट में आ गया।
विकास राय के अनुसार, अनुज को बेहोश देखकर रितेश उसे बचाने पहुंचा, लेकिन वह भी बिजली का झटका लगने से गिर पड़ा। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने किसी तरह बिजली का तार काटकर दोनों भाइयों को करंट के संपर्क से अलग किया।
घटना के तुरंत बाद दोनों को उपचार के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार ने अनुज की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
डॉक्टर ने अनुज को मृत घोषित किया तो परिजनों की चीख निकल गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, करंट की चपेट में आए छोटे भाई रितेश को प्राथमिक उपचार दिया गया। अस्पताल में उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मृतक अनुज कुमार राय की उम्र महज 21 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभा रहा था। जानकारी के अनुसार, अनुज मजदूरी करके अपने घर का खर्च चलाने में सहयोग करता था।
परिवार के लिए उसकी मौत केवल एक सदस्य को खोने का दुख नहीं, बल्कि आर्थिक सहारे के समाप्त होने जैसी स्थिति भी है। अनुज की अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गांव में भी घटना की जानकारी फैलते ही मातम पसर गया। आसपास के लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर दुख व्यक्त कर रहे हैं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि घर के भीतर सामान्य रूप से सीढ़ी चढ़ते समय इतना बड़ा हादसा हो सकता है।
घटना को लेकर ग्रामीणों ने बिजली के खुले तारों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही थी।
बारिश के कारण घर के आसपास नमी बढ़ गई थी। आशंका जताई जा रही है कि खुले बिजली के तार के संपर्क में आने से सीढ़ी में करंट प्रवाहित होने लगा। इसी वजह से अनुज और रितेश बिजली की चपेट में आ गए।
हालांकि करंट फैलने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। केवल बारिश या नमी को हादसे का एकमात्र कारण मानना उचित नहीं होगा।
इस घटना ने घरों में बिजली के खुले तारों और असुरक्षित वायरिंग से होने वाले खतरों को फिर उजागर किया है। विशेष रूप से बारिश के दिनों में बिजली के उपकरणों तथा तारों के संपर्क में आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
यदि किसी घर में बिजली की वायरिंग पुरानी हो गई है या तारों का इंसुलेशन खराब है, तो करंट फैलने की संभावना बनी रहती है। धातु की रेलिंग, गीली दीवारों और अन्य विद्युत चालक सतहों के संपर्क में आने से ऐसी परिस्थितियां और खतरनाक हो सकती हैं।
बिजली सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, घरों में खुले तार नहीं होने चाहिए। बिजली के सभी उपकरणों और तारों की समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है।
विशेष रूप से बरसात के मौसम में स्विच बोर्ड, तारों और विद्युत उपकरणों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। घर की सीढ़ियों या अन्य स्थानों से गुजरने वाले बिजली के तारों को सुरक्षित ढंग से स्थापित करना जरूरी है।
इस दुर्घटना में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि बड़े भाई को बचाने के प्रयास में छोटा भाई भी करंट की चपेट में आ गया। ऐसी घटनाओं में बिना बिजली आपूर्ति बंद किए किसी व्यक्ति को सीधे छूना बेहद खतरनाक हो सकता है।
यदि कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए, तो सबसे पहले सुरक्षित तरीके से बिजली की आपूर्ति बंद करना जरूरी है। इसके बाद ही पीड़ित व्यक्ति की सहायता की जानी चाहिए। बिजली चालू रहने की स्थिति में घायल को सीधे हाथों से पकड़ने पर बचाने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता बुलाना और आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा प्राथमिक उपचार देना महत्वपूर्ण होता है।
बांका की इस घटना में भी दोनों भाइयों के साथ हुए हादसे से स्पष्ट होता है कि घरेलू बिजली सुरक्षा में छोटी-सी चूक गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान घरों की बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खुले तारों को ठीक कराने और खराब वायरिंग बदलने से ऐसी दुर्घटनाओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
घटना के बाद परिवार के सामने एक ओर अनुज की मौत का दुख है, वहीं दूसरी ओर छोटे बेटे रितेश के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। परिजन उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
अस्पताल से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, रितेश का प्राथमिक उपचार किया गया है। हालांकि उसकी आगे की चिकित्सकीय स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल विष्मभरचक गांव में अनुज कुमार राय की असामयिक मौत से शोक का माहौल है। मजदूरी कर परिवार का सहारा बने 21 वर्षीय युवक की जिंदगी घर की सीढ़ी पर करंट उतरने से समाप्त हो गई।
यह हादसा घरेलू बिजली व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का पालन करने और बरसात के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता को सामने लाता है।





