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बिहार में स्मार्ट क्लास की शुरुआत, बदलेगा पढ़ाई का तरीका

Saba Naaz
16 July 2026 6:18 PM IST
बिहार में स्मार्ट क्लास की शुरुआत, बदलेगा पढ़ाई का तरीका
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बिहार: शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास व्यवस्था का शुभारंभ किया है। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों और दूरदराज के इलाकों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सके, ताकि प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का भविष्य आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा से मजबूत होगा। स्मार्ट क्लास, लाइव लर्निंग और ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों का लाभ मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा के क्षेत्र में शहर और गांव के बीच की दूरी को कम किया जाए।

इसी उद्देश्य के तहत पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में बिहार स्कूल लाइव क्लासेज की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित बिहार की मजबूत नींव तैयार करेगी।

स्मार्ट क्लास व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इसमें वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन कंटेंट और तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इससे छात्रों को विषयों को समझने में आसानी होगी और उनकी पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी।

सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज के तहत पटना के 10 सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों में निशुल्क जेईई और नीट कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में ही इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। अक्सर प्रतिभाशाली छात्र महंगी कोचिंग फीस और दूसरे शहरों में रहने के खर्च के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं। अब उन्हें अपने स्कूल में ही बेहतर मार्गदर्शन और तैयारी का अवसर मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने इस योजना को सफल बनाने के लिए सात स्वयंसेवी संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इन संस्थानों की मदद से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अभ्यास सामग्री और नियमित कक्षाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर विद्यार्थी को समान अवसर उपलब्ध कराना है। चाहे छात्र गांव में रहता हो या शहर में, उसे बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन मिलने चाहिए। डिजिटल शिक्षा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकती है।

बिहार में लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी। इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है। अगर स्मार्ट क्लास व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो आने वाले समय में बिहार के छोटे शहरों और गांवों से भी बड़ी संख्या में इंजीनियर, डॉक्टर और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ निकल सकते हैं।

सरकार की इस पहल को बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। स्मार्ट क्लास, लाइव लर्निंग और निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। इससे राज्य के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने में मदद मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

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