
सोनपुर। जनसेवा एक्सप्रेस के सामान्य कोच में यात्रियों के बीच सांप दिखाकर पैसे मांगना छह सपेरों को महंगा पड़ गया। रेलमदद के माध्यम से मिली शिकायत के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेन में निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई करते हुए छहों सपेरों को दिघवारा स्टेशन पर उतार लिया। मामला पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल से जुड़ा है। कार्रवाई के बाद ट्रेन में सांप लेकर यात्रियों से पैसे मांगने की शिकायत पर रेलवे की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 14618 जनसेवा एक्सप्रेस में यात्रियों के बीच सांप दिखाकर पैसे मांगने की सूचना रेलमदद के जरिए रेलवे तक पहुंची थी। शिकायत मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और सूचना के सत्यापन के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन की निगरानी शुरू कर दी।
सूचना पर कार्रवाई के लिए दिघवारा स्थित आरपीएफ सोनपुर आउटपोस्ट के उपनिरीक्षक शमशेर कुमार और सहायक उपनिरीक्षक विजय कुमार को जिम्मेदारी दी गई। दोनों अधिकारी ट्रेन में निगरानी कर रहे थे। इस दौरान सामान्य कोच में ऐसे लोगों पर नजर रखी गई, जिनके पास सांप थे और जो यात्रियों के बीच उन्हें दिखाकर पैसे मांग रहे थे।
निगरानी के दौरान छह सपेरों को चिन्हित किया गया। अधिकारियों ने स्थिति की जानकारी जुटाने के बाद सभी छह लोगों को ट्रेन से उतार लिया। उन्हें दिघवारा स्टेशन पर उतारकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। रेलवे सुरक्षा बल की इस कार्रवाई से ट्रेन में मौजूद यात्रियों को भी राहत मिली।
रेलवे के लिए इस तरह की शिकायतें इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सामान्य कोच में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। यदि किसी व्यक्ति के पास सांप जैसे जीव खुले तौर पर मौजूद हों तो यात्रियों के बीच डर या असहजता की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा किसी अप्रत्याशित स्थिति में सांप के भागने या किसी यात्री को नुकसान पहुंचने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
रेलमदद रेलवे की शिकायत और सहायता व्यवस्था है, जिसके जरिए यात्री यात्रा के दौरान सुरक्षा, सफाई, खानपान और अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जनसेवा एक्सप्रेस में भी इसी माध्यम से मिली सूचना ने आरपीएफ को तत्काल कार्रवाई का आधार दिया।
शिकायत मिलने के बाद आरपीएफ अधिकारियों ने सीधे ट्रेन की निगरानी करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य केवल शिकायत की पुष्टि करना नहीं था, बल्कि यदि आरोप सही पाए जाएं तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाना भी था। ट्रेन की निगरानी के दौरान छह सपेरों को यात्रियों से पैसे मांगते हुए पाए जाने के बाद उन्हें नीचे उतारा गया।
जनसेवा एक्सप्रेस लंबी दूरी की ट्रेनों में शामिल है और इसमें बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। सामान्य कोच में यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण वहां किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि पर नियंत्रण रखना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होता है।
सपेरों द्वारा ट्रेन में सांप दिखाकर पैसे मांगने का चलन कुछ क्षेत्रों में देखने को मिलता रहा है, लेकिन यात्रियों की शिकायत मिलने पर रेलवे सुरक्षा एजेंसियां इसे यात्रा सुरक्षा से जोड़कर देखती हैं। किसी भी जीव को बिना नियंत्रण ट्रेन के भीतर लाना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान यह भी देखा गया कि छहों लोग किस उद्देश्य से ट्रेन में सांप लेकर यात्रा कर रहे थे और यात्रियों से पैसे मांगने की गतिविधि किस तरह चल रही थी। मामले में आगे की पूछताछ और सत्यापन के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
ट्रेन में मौजूद कुछ यात्रियों ने शिकायत के बाद हुई कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना था कि सामान्य कोच में सांप लेकर घूमना डर का कारण बन सकता है। कई यात्री परिवार के साथ सफर करते हैं, ऐसे में इस तरह की गतिविधियों से बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों में विशेष रूप से घबराहट पैदा हो सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रेलमदद के जरिए शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम को सक्रिय किया गया और ट्रेन में निगरानी कर कार्रवाई की गई। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि यात्री यात्रा के दौरान किसी भी समस्या की जानकारी रेलवे तक पहुंचा सकते हैं।
दिघवारा स्टेशन पर छहों लोगों को उतारे जाने के बाद आरपीएफ ने आवश्यक औपचारिकताएं शुरू कीं। उनके पास मौजूद सामान और सांपों से संबंधित स्थिति की भी जांच की जा सकती है। यह देखा जा सकता है कि उनके पास कितने सांप थे और उन्हें किस तरह रखा गया था।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि छहों व्यक्तियों के खिलाफ किस कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाती है। यदि किसी कानून या रेलवे नियम का उल्लंघन पाया गया है तो उसके अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे यह भी सुनिश्चित कर सकता है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधि को दोबारा ट्रेन के भीतर अंजाम न दिया जाए।
आरपीएफ की टीम ने जिस तरह ट्रेन में निगरानी बढ़ाकर शिकायत का सत्यापन किया, उससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की सतर्कता भी सामने आई है। यात्रा के दौरान सामने आने वाली छोटी से छोटी शिकायत भी यदि सुरक्षा से जुड़ी हो तो उस पर तत्काल ध्यान देना जरूरी माना जाता है।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से भी अपील की है कि ट्रेन में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी परेशानी की सूचना तुरंत रेलमदद या संबंधित सुरक्षा कर्मचारियों को दें। समय पर मिली सूचना से कार्रवाई करना आसान होता है और संभावित परेशानी को बढ़ने से पहले रोका जा सकता है।
जनसेवा एक्सप्रेस में हुई इस घटना ने सामान्य कोच में यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का मुद्दा भी सामने ला दिया है। छह सपेरों को दिघवारा स्टेशन पर उतारे जाने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल रेलवे सुरक्षा बल की कार्रवाई के बाद ट्रेन में स्थिति सामान्य रही। शिकायत के आधार पर छहों लोगों को नीचे उतार लिया गया और मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। यात्रियों के बीच सांप दिखाकर पैसे मांगने की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई रेलवे की ओर से सुरक्षा को लेकर अपनाए जा रहे त्वरित कदमों का एक उदाहरण है।
रेलवे अब इस बात की भी जांच कर सकता है कि क्या इन लोगों ने इससे पहले किसी अन्य ट्रेन या स्टेशन पर भी ऐसी गतिविधियां की थीं। जरूरत पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल जनसेवा एक्सप्रेस में मिली शिकायत के आधार पर छह सपेरों को दिघवारा स्टेशन पर उतारकर मामले को आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए लिया गया है।





