बिहार
बिहार में सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल लॉन्च एक प्लेटफॉर्म पर 62 सेवाएं
Ratna Netam
23 Sept 2026 8:25 PM IST

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पटना। बिहार में उद्योग लगाने और कारोबार से जुड़ी सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में उद्योग विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बुधवार को नया ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल’ लॉन्च किया। इसके माध्यम से नौ प्रमुख सरकारी विभागों की 62 कानूनी और नियामक सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। इसका उद्देश्य उद्यमियों और निवेशकों को अलग-अलग विभागों और पोर्टलों के चक्कर से राहत देना तथा राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।नए पोर्टल को उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने लॉन्च किया। इस अवसर पर बिहार राज्य उद्यमी और व्यवसायी आयोग के चेयरमैन सुरेश रुंगटा, वाइस चेयरमैन अरविंद निराला, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, निदेशक खाद्य प्रसंस्करण प्रद्युम्न सिंह यादव और संयुक्त सचिव खांडेकर श्रीकांत कुंडलिक सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उद्योग विभाग के मुताबिक नए सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल को इस तरह तैयार किया गया है कि उद्यमियों को किसी उद्योग की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक मंजूरियों की जानकारी एक ही जगह मिल सके। आवेदक यह पता लगा सकेंगे कि उनके उद्योग या व्यवसाय के लिए कौन-कौन से लाइसेंस, अनुमति और प्रमाणपत्र जरूरी हैं।इसके बाद संबंधित मंजूरी के लिए आवेदन भी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा सकेगा। जिन उद्यमियों के पास पहले से लाइसेंस या परमिट मौजूद हैं, उन्हें भी पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा दी गई है। इससे कारोबारी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को एक डिजिटल व्यवस्था के तहत रखने में मदद मिलेगी।
नौ विभागों की 62 सेवाएं एक जगह
नए पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता विभिन्न विभागों से जुड़ी 62 कानूनी और नियामक सेवाओं का एकीकरण है। अभी तक उद्योग लगाने वाले निवेशकों और उद्यमियों को अलग-अलग अनुमति के लिए संबंधित विभागों की व्यवस्था का इस्तेमाल करना पड़ता था।नई व्यवस्था में इन सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इससे आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
उद्योग विभाग का मानना है कि कारोबार शुरू करने से पहले नियामक आवश्यकताओं को समझना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। कई बार अलग-अलग विभागों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं होने के कारण आवेदन में देरी होती है। नया पोर्टल उद्यमियों को आवश्यक मंजूरियों की पहचान करने में सहायता करेगा।
ऑनलाइन देख सकेंगे आवेदन की स्थिति
उद्यमियों के लिए आवेदन की डिजिटल ट्रैकिंग भी नए पोर्टल की प्रमुख सुविधा है। किसी लाइसेंस या मंजूरी के लिए आवेदन करने के बाद उसकी स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी।आवेदन जमा होने से लेकर संबंधित विभाग में उसकी प्रक्रिया और अंतिम निर्णय तक की स्थिति डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सकेगी। इससे आवेदकों को बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाकर आवेदन की स्थिति पूछने की जरूरत कम होगी।पोर्टल का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना भी है। आवेदक को पता रहेगा कि उसका आवेदन किस स्तर पर है और उस पर आगे क्या कार्रवाई होनी है। किसी अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी की आवश्यकता होने पर भी डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
अलग-अलग सिस्टम में जाने की जरूरत होगी कम
अब तक कारोबार से संबंधित विभिन्न अनुमतियों के लिए उद्यमियों को अलग-अलग विभागीय प्रणालियों का इस्तेमाल करना पड़ सकता था। इससे न केवल समय अधिक लगता था बल्कि आवेदन प्रक्रिया भी जटिल हो जाती थी।सिंगल विंडो व्यवस्था में उद्यमी एक ही पोर्टल से विभिन्न सेवाओं तक पहुंच सकेंगे। हालांकि आवेदन पर अंतिम निर्णय संबंधित विभाग द्वारा उसके नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही लिया जाएगा।इस तरह पोर्टल विभिन्न विभागों के बीच एक डिजिटल इंटरफेस के रूप में काम करेगा। इससे निवेशक को सरकारी व्यवस्था से जुड़ने के लिए एक केंद्रीकृत माध्यम उपलब्ध होगा।
Ease of Doing Business पर फोकस
बिहार सरकार पिछले कुछ वर्षों से राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है। नए सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना प्रमुख पहलुओं में शामिल है। किसी निवेश प्रस्ताव को जमीन पर उतारने के दौरान अलग-अलग मंजूरियां हासिल करने में लगने वाला समय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होता है।सरकार की कोशिश है कि तकनीक का इस्तेमाल कर इन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित किया जाए। आवेदन ऑनलाइन होने और उसकी स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा मिलने से उद्यमियों को प्रक्रिया के बारे में अधिक स्पष्टता मिलेगी।
नए निवेशकों को भी मिलेगा फायदा
यह पोर्टल केवल पहले से स्थापित उद्योगों के लिए ही नहीं बल्कि राज्य में नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे उद्यमियों के लिए भी उपयोगी होगा। नए निवेशक शुरुआत में ही यह जानकारी हासिल कर सकेंगे कि प्रस्तावित उद्योग के लिए किन कानूनी और नियामक मंजूरियों की आवश्यकता है।इससे परियोजना की योजना बनाते समय जरूरी अनुमतियों को भी ध्यान में रखा जा सकेगा। खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी और आवेदन सुविधा उपलब्ध होना प्रक्रिया को समझने में मददगार हो सकता है।
डिजिटल औद्योगिक व्यवस्था की दिशा में कदम
सिंगल विंडो पोर्टल का उद्देश्य केवल आवेदन ऑनलाइन करना नहीं बल्कि उद्योगों से जुड़ी पूरी नियामक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित डिजिटल ढांचे में लाना है। सरकार इससे विभागीय प्रक्रियाओं की निगरानी और आवेदनों के निपटारे की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकेगी।डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से लंबित आवेदनों की पहचान करना और संबंधित विभागों के स्तर पर उनकी स्थिति की समीक्षा करना भी आसान हो सकता है।बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उद्योग विभाग का नया पोर्टल इसी प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि नौ विभागों की 62 सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने से निवेशकों के लिए सरकारी मंजूरियों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही आवेदन की शुरुआत से अंतिम चरण तक ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करेगी।नई व्यवस्था के प्रभाव का वास्तविक आकलन आने वाले समय में आवेदनों के निपटारे की गति और उद्यमियों के अनुभव के आधार पर होगा। फिलहाल सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल की शुरुआत के साथ बिहार ने औद्योगिक और नियामक प्रक्रियाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।
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