बिहार

बख्तियारपुर में गंगा स्नान के दौरान सात लड़कियां डूबीं, चार की तलाश जारी

Kavita2
17 Aug 2026 9:37 AM IST
बख्तियारपुर में गंगा स्नान के दौरान सात लड़कियां डूबीं, चार की तलाश जारी
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पटना। सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार से एक के बाद एक दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई है। लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ के दौरान सात श्रद्धालुओं की मौत की घटना के बीच पटना जिले के बख्तियारपुर में गंगा स्नान करने गई सात लड़कियों के डूबने की खबर ने हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोगों की मदद से अब तक तीन लड़कियों को पानी से बाहर निकाल लिया गया है, जबकि चार लड़कियां अभी लापता बताई जा रही हैं। उनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर अभियान चला रही है।

जानकारी के अनुसार सावन की सोमवारी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाटों पर पहुंचे थे। इसी दौरान बख्तियारपुर क्षेत्र में सात लड़कियां गंगा में स्नान करने के लिए उतरीं। बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान अचानक वे गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गईं। लड़कियों को डूबता देखकर घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव का प्रयास शुरू किया। आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय तैराकों ने नदी में उतरकर लड़कियों को तलाशना शुरू किया। प्रयास के बाद तीन बच्चियों को गंगा से बाहर निकाल लिया गया। वहीं चार अन्य लड़कियों का पता नहीं चल सका। हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई, जिसके बाद बचाव दल को मौके पर बुलाया गया।

एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद लापता लड़कियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया। नदी के बहाव और गहराई को देखते हुए टीम आसपास के क्षेत्र में खोजबीन कर रही है। लापता लड़कियों को जल्द से जल्द खोजने के लिए नदी में अलग-अलग स्थानों पर तलाश की जा रही है। स्थानीय लोग भी बचाव दल की मदद कर रहे हैं।

इस हादसे में एक ही परिवार के कई बच्चों के प्रभावित होने की बात सामने आने से गांव और परिवार में मातम जैसा माहौल है। बताया जा रहा है कि तीन सगे भाइयों की चार बेटियां इस हादसे में डूब गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और रिश्तेदार गंगा घाट पर पहुंच गए। लापता बच्चियों के परिजनों की निगाहें लगातार नदी की ओर लगी हुई हैं और वे उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

सावन की सोमवारी होने के कारण सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी। भगवान शिव को जल अर्पित करने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। ऐसे में बिहार के विभिन्न घाटों पर सुबह से लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। बख्तियारपुर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यह हादसा हुआ।

बरसात के मौसम में गंगा के जलस्तर और बहाव में बदलाव आता रहता है। कई बार घाट के पास सामान्य दिखाई देने वाला पानी कुछ दूरी पर काफी गहरा हो सकता है। नदी के अंदर तेज बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण हादसे का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और तैरना नहीं जानने वाले लोगों के लिए नदी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है।

घटना के बाद घाट और आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और लोगों को नदी के ज्यादा अंदर नहीं जाने की हिदायत दी गई। बचाव अभियान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना भी जरूरी हो गया, ताकि एसडीआरएफ के जवान बिना किसी बाधा के लापता लड़कियों की तलाश कर सकें।

बख्तियारपुर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब सावन की तीसरी सोमवारी पर ही लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ की घटना ने बिहार को झकझोर दिया। अशोक धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दौरान मची भगदड़ में सात लोगों की मौत की खबर सामने आई। इसके कुछ समय बाद बख्तियारपुर में सात लड़कियों के गंगा में डूबने की सूचना ने चिंता और बढ़ा दी।

सावन के दौरान बिहार में प्रमुख शिव मंदिरों और गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सोमवारी के दिन यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिरों और नदी घाटों पर भीड़ प्रबंधन के साथ सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने जैसे इंतजाम हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बख्तियारपुर में हुए हादसे के बाद एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बरसात के मौसम में नदियों में पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को अकेले नदी में उतरने से रोकने और निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल प्रशासन और एसडीआरएफ की प्राथमिकता लापता चार लड़कियों को तलाशना है। बचाव दल नदी के आसपास के हिस्सों में लगातार खोज अभियान चला रहा है। स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। हादसे से प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है।

एक ही दिन लखीसराय में भगदड़ और बख्तियारपुर में गंगा स्नान के दौरान हुए हादसे ने सावन की सोमवारी की खुशियों को मातम में बदल दिया है। बख्तियारपुर में तीन लड़कियों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि चार की तलाश जारी है। एसडीआरएफ की टीम नदी में खोज अभियान चला रही है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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