बिहार

उफनती गंगा के बीच विक्रमशिला सेतु पर सुरक्षा चुनौती, भादो में बेली ब्रिज रहेगा बंद

nidhi
25 July 2026 8:42 AM IST
उफनती गंगा के बीच विक्रमशिला सेतु पर सुरक्षा चुनौती, भादो में बेली ब्रिज रहेगा बंद
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विक्रमशिला सेतु पर बढ़ा खतरा, गंगा के तेज बहाव के बीच भादो में बेली ब्रिज बंद करने की तैयारी
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के समानांतर तैयार किए गए अस्थायी बेली ब्रिज को भादो (भाद्रपद) महीने के दौरान बंद करने की तैयारी की जा रही है। मानसून के चरम दौर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों, यात्रियों और व्यापारियों के बीच आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भादो के दौरान गंगा का जलस्तर अक्सर अपने उच्च स्तर पर पहुंच जाता है। ऐसे में तेज धारा, बहकर आने वाले पेड़ और मलबा अस्थायी ढांचों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेली ब्रिज के संचालन पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।
भादो में क्यों बंद होगा बेली ब्रिज?
भादो के महीने में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और कई स्थानों पर नदी उफान पर रहती है। तेज बहाव के कारण अस्थायी पुलों पर जोखिम बढ़ जाता है।
प्रशासन के अनुसार, बेली ब्रिज को बंद करने का उद्देश्य किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जलस्तर सामान्य होने के बाद आगे की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा पर उठ रहे हैं सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान इस तरह की स्थिति बनने से यातायात प्रभावित होता है। लोगों का मानना है कि यदि पहले से बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तो यात्रियों को कम परेशानी होगी।
विशेष रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं—
मानसून से पहले पर्याप्त सुरक्षा तैयारी।
वैकल्पिक यातायात मार्गों की उपलब्धता।
आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव व्यवस्था।
पुल की नियमित तकनीकी जांच।
ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना।
यात्रियों और व्यापार पर असर
बेली ब्रिज बंद होने से रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है। इससे—
कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों को परेशानी हो सकती है।
छात्रों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय व्यापार और माल परिवहन पर असर पड़ सकता है।
यात्रा का समय और लागत दोनों बढ़ सकती हैं।
व्यापारियों का कहना है कि परिवहन प्रभावित होने से सामान की आपूर्ति में देरी हो सकती है।
प्रशासन की तैयारियां
प्रशासन ने बताया है कि बेली ब्रिज बंद होने की अवधि में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक प्रबंधन की योजना तैयार की जा रही है।
इसके तहत—
यातायात पुलिस की अतिरिक्त तैनाती।
संवेदनशील स्थानों पर निगरानी।
लोगों को पहले से सूचना देने की व्यवस्था।
आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष प्रबंध।
तकनीकी निगरानी पर जोर
संबंधित विभाग गंगा के जलस्तर और पुल की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। विशेषज्ञ समय-समय पर संरचना का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार के खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।
यदि मौसम और जलस्तर सामान्य रहते हैं, तो स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—
स्थायी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित की जाए।
मानसून के दौरान पहले से वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव दल उपलब्ध रहें।
पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों की नियमित तकनीकी जांच कराई जाए।
विशेषज्ञों की राय
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान अस्थायी पुलों का संचालन अत्यधिक सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। तेज जलधारा और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए समय पर संचालन रोकना कई बार सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम होता है।
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