बिहार

सीतामढ़ी में 5.34 लाख बच्चों पर योजनाओं का संकट

Kavita2
4 Oct 2026 5:50 PM IST
सीतामढ़ी में 5.34 लाख बच्चों पर योजनाओं का संकट
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सीतामढ़ी। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। सरकारी स्कूलों में नामांकित करीब 5.34 लाख बच्चों की उपस्थिति का ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सत्यापन नहीं होने के कारण उनके सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने की आशंका जताई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रधानाध्यापकों पर सख्ती बढ़ा दी है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) सुजीत कुमार दास ने सभी प्रधानाध्यापकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को 24 घंटे के भीतर लंबित सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर पात्र विद्यार्थियों की उपस्थिति का सत्यापन नहीं हुआ तो संबंधित प्रधानाध्यापक और बीईओ की जवाबदेही तय की जाएगी।

5 अक्टूबर तक पूरा करना होगा सत्यापन

शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार, 5 अक्टूबर तक 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों का ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सत्यापन हर हाल में पूरा करना होगा। विभाग ने इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।

सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों की पात्रता और उपस्थिति से संबंधित जानकारी का पोर्टल पर सही तरीके से दर्ज होना जरूरी है। ऐसे में सत्यापन का काम लंबित रहने पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी योजनाओं के लाभ से प्रभावित हो सकते हैं।

डीपीओ ने स्कूलों और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उपलब्ध आंकड़ों की जांच कर पात्र बच्चों का सत्यापन समय सीमा के भीतर पूरा करें। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय के स्तर पर लंबित कार्य की समीक्षा करने को कहा गया है।

एचएम और बीईओ की तय होगी जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग ने मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं करने की बात कही है। डीपीओ सुजीत कुमार दास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में सत्यापन का काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित प्रधानाध्यापक और बीईओ को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।

विभाग की ओर से इसे कार्य के प्रति घोर उदासीनता बताया गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक पोर्टल पर सत्यापन की प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।

सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सरकार की ओर से अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिया जाता है। इन योजनाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति और स्कूल में नामांकन से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि विद्यार्थियों की उपस्थिति का सत्यापन समय पर नहीं होता है तो पात्र बच्चों के लिए योजनाओं का लाभ मिलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

5.34 लाख बच्चों का आंकड़ा बड़ा होने के कारण शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग का उद्देश्य है कि पात्र विद्यार्थियों का सत्यापन समय पर पूरा हो, ताकि तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर किसी देरी का असर बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं पर न पड़े।

पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करना जरूरी

ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज और सत्यापित किया जाता है। ऐसे में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों की उपस्थिति से संबंधित जानकारी सही तरीके से दर्ज करना और उसका सत्यापन करना महत्वपूर्ण है।

विभाग ने प्रधानाध्यापकों से कहा है कि वे विद्यालय के रिकॉर्ड के आधार पर पात्र विद्यार्थियों की जानकारी की जांच करें। 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति वाले बच्चों का सत्यापन प्राथमिकता के साथ करने को कहा गया है।

प्रखंड अधिकारियों को भी निगरानी के निर्देश

सिर्फ स्कूल प्रधानाध्यापकों ही नहीं, बल्कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। बीईओ को अपने-अपने प्रखंड के विद्यालयों में सत्यापन की प्रगति पर नजर रखने और लंबित मामलों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग चाहता है कि अंतिम समय में तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से सत्यापन का काम अधूरा न रह जाए। इसके लिए स्कूल और प्रखंड स्तर पर समन्वय बनाकर कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया है।

24 घंटे में काम पूरा करने की चुनौती

विभाग की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब स्कूलों और प्रखंड कार्यालयों के सामने बड़ी चुनौती है। 5 अक्टूबर तक 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति वाले सभी पात्र बच्चों का पोर्टल पर सत्यापन पूरा करना होगा।

यदि निर्धारित समय में यह काम पूरा नहीं होता है तो अधिकारियों ने संबंधित एचएम और बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग अब इस मामले में किसी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।

सीतामढ़ी में 5.34 लाख बच्चों के उपस्थिति सत्यापन का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ गई है। बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए 5 अक्टूबर तक 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों का ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब देखना होगा कि स्कूल और प्रखंड स्तर के अधिकारी निर्धारित समय सीमा में इस बड़े काम को किस तरह पूरा करते हैं।

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