
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि यह पार्टी और हम लोगों की गलती थी। वहीं, चुनाव के दौरान उन्हें निशाने पर लेने वाले जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर पर प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है और वह व्यक्तिगत राजनीति में विश्वास नहीं रखते।
मुख्यमंत्री ने प्रशांत किशोर को लेकर कहा कि उन्हें जो करना है करने दीजिए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “वो बेचारा है, चलिए उनको करने दीजिए, जो करना है।” सम्राट चौधरी का यह बयान अब बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार पर बोले CM
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सवाल किया गया था। उन्होंने बिना किसी हिचक के माना कि चुनाव में पार्टी से चूक हुई। उन्होंने कहा कि हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और जो कमियां रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार दोनों होती हैं। किसी भी चुनावी नतीजे को गंभीरता से लेना चाहिए और उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। सम्राट चौधरी ने स्वीकार किया कि बांकीपुर में पार्टी की रणनीति में कुछ कमियां रह गईं, जिसकी वजह से परिणाम अपेक्षा के अनुसार नहीं आया।
प्रशांत किशोर के निशाने पर थे सम्राट चौधरी
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर कई सवाल उठाए थे। चुनावी प्रचार के दौरान सम्राट चौधरी और भाजपा की रणनीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही।
जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि बांकीपुर का पूरा चुनाव उनके इर्द-गिर्द घूमता नजर आया और प्रशांत किशोर ने उन्हें मुख्य निशाना बनाया, तो उन्होंने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीति मुद्दों पर होनी चाहिए, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप पर नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनके बारे में बोलना चाहते हैं, उन्हें बोलने दिया जाए।
‘व्यक्तिगत राजनीति में विश्वास नहीं’
सम्राट चौधरी ने कहा कि वह व्यक्तिगत राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान सरकार के कामकाज और बिहार के विकास पर है।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि वह विरोधियों के बयानों को ज्यादा महत्व नहीं देते और उनका फोकस जनता से जुड़े मुद्दों पर रहता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है।
बिहार की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
सम्राट चौधरी और प्रशांत किशोर के बीच राजनीतिक बयानबाजी बिहार की सियासत में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशांत किशोर लंबे समय से बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुटे हैं और अलग राजनीतिक विकल्प पेश करने का दावा करते रहे हैं।
वहीं, भाजपा और एनडीए लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव जैसे चुनावों के नतीजे राजनीतिक दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
हार से सबक लेने की बात
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चुनावी हार से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन को और मजबूत करने तथा जनता के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले चुनावों को देखते हुए पार्टी अपनी रणनीति में जरूरी बदलाव करेगी।
सियासी संदेश देने की कोशिश
सम्राट चौधरी के बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक तरफ उन्होंने बांकीपुर में हार की जिम्मेदारी स्वीकार कर पार्टी कार्यकर्ताओं को सकारात्मक संदेश दिया, वहीं दूसरी तरफ प्रशांत किशोर पर व्यक्तिगत टिप्पणी से बचने की बात कहकर अपनी राजनीतिक शैली को सामने रखा।
हालांकि, प्रशांत किशोर को “बेचारा” बताने वाला उनका बयान अब राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया है। विपक्ष इस बयान को अपने तरीके से देख रहा है, जबकि भाजपा समर्थक इसे मुख्यमंत्री का आत्मविश्वास बता रहे हैं।
फिलहाल बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर जारी है। सम्राट चौधरी का यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे सकता है।





